नर्मदा का कंकर कहलाता है सीहोर का शंकर- पं.मोहितरामजी

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सीहोर। प्रयाग में गंगा है काशी में गंगा है यह हमारे सिद्धपुर सीहोर का सौभाग्य है सीहोर में माँ नर्मदा  विराजमान है इसका कंकड़ कंकड़ शंकर है उक्त उद्गार श्री माधव महाकाल आरोग्य पर चल रहे तीन दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान कथा में कथा व्यास परम गौभक्त प्रखर वक्ता पंडित मोहितरामजी पाठक ने व्यक्त किए आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा आश्रम में कुबरेश्वर धाम में पधारे श्रद्धालुओं के रूकने एवं भोजन की व्यवस्था की जाएगी यह सब गौ माता की कृपा से हो रहा है जिस दिन हर हिंदू के घर में एक गाय और एक नंदी पाला जाएगा वह दिन शिव युग कहलाएगा भगवान शंकर स्वयं माता पार्वती से विवाह करने गए तो नंदी की सवारी करके गए दुनिया का दूल्हा घोड़े पर सवार होकर जाता है। भगवान शिव ने जगत के पालन करता भगवान नंदीश्वर को अपना बहन बनाया और बारात लेकर हिमालय पर गए संपूर्ण सनातनियों को संदेश दिया कि हर हिंदू के घर में एक गाय और एक बिल अवश्य होना चाहिए तो ही शिव और पार्वती की प्राप्ति हो सकती है। शिव और पार्वती के मिलन में नदी अति आवश्यक है। जिस घर में गोपालन नहीं होता नंदी की सेवा नहीं होती गए और बैलों को नहीं पाला जाता वहां शंकर का वास नहीं होता है अमृत में शिव महापुराण कथा के दौरान  भगवान शिव ने गोरी का वरण  करा गाय ही गोरी है गाय को भगवान शिव ने स्वीकार कर है। इसलिए भगवान शिव ने संदेश दिया जहां गए पाली जाएगी वहीं शिव और शिव पुराण की महिमा और चमत्कार होंगे भगवान शिव का अभिषेक गाय के दूध से दही से किया जाता है। गाय के घी के बिना भगवान शिव का अभिषेक नहीं हो सकता इसलिए हर सनातनी हिंदू को शिव पुराण सुनाने वाले श्रोताओं को गोपालन करके गाय पालना चाहिए। शिवरात्रि के पावन अवसर पर तृतीय दिवस हजारों की संख्या में गंगाजल के पात्र का वितरण किया जाएगा आयोजन समिति श्री माधव महाकाल आरोग्य आश्रम परिवार  सीहोर ने सभी शिव भक्तों से राम भक्तों से कथा में आने का आग्रह किया।

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