रात 9.30 बजे इटारसी स्‍टेशन पहुंचे सांसद अलारसा सदस्‍यों की भूख हडताल खत्‍म कराई

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नर्मदापुरम। इटारसी। सांसद ने भूख हडताल पर बैठे ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को रेल मंत्री से मिलवाने का दिया आश्‍वासन, कहा जायज मांग पूरी कराएंगे

इटारसी। होशंगाबाद. नरसिंहपुर क्षेत्र से सांसद दर्शन सिंह चौधरी रात 9.30 बजे इटारसी रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफार्म क्रमांक 01 पर नगरपालिका अध्‍यक्ष पंकज चौरे व कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। स्‍टेशन पर वे प्‍लेटफार्म क्रमांक 01 पर लॉवी के सामने भूख हडताल पर बैठे लोको पायलट व रनिंग स्‍टॉफ से मिलने पहुंचे थे। यहां ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आव्‍हान पर स्‍टॉफ भूख हडताल पर बैठा था। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने यहां उनकी भूख हडताल खत्‍म कराई। उन्‍होंने भूख हडताल पर बैठे एसोसिएशन के सदस्‍यों से कहा कि उनकी जो भी जायज मांगें होंगी वह रेल मंत्री से हल कराएंगे। इसके अलावा एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल वे रेल मंत्री अश्‍वनी वैष्‍णव से भी मिलवाएंगे। सांसद श्री चौधरी के आश्‍वासन के बाद यहां भूख हडताल खत्‍म हुई।

आपको बतां दें कि रेल लोको पायलटों की हडताल खत्‍म कराने के लिए सांसद स्‍टेशन पर ईवी ऑटो में बैठकर पहुंचे थे।

उल्‍लेखनीय है कि ऑल इंडिया लोगो रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार भारत के संपूर्ण लोको रनिंग स्टाफ देश भर की सभी 367 लावियों पर 36 घंटे के हंगर फास्ट पर भूखे रहकर स्वयं को कष्ट देकर रेलगाड़ियों का संचालन करने का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत इटारसी में भी भूख हडताल चल रही थी। एसोसिएशन के नितिन श्रीवास ने बताया कि जब सरकार छठवें पे कमीशन से निर्मित की गई नामली को दूर नहीं कर रही और माइलेज का रेट 1 जनवरी 2024 से ट्रैवलिंग एलाउंस के सापेक्ष 25 बढ़ाकर नहीं दे रही है तब कोई भी कर्मचारी नियोक्ता से ना तो लड़ सकता है ना ही पकड़ धाकड़ करके अपने परिश्रम के पैसे का मूल्य प्राप्त कर सकता है।

ऐसी स्थिति में जब कर्मचारियों के सामने कोई विकल्प न हो तो वह स्वयं को कष्ट देकर भूखा रहकर गाड़ियों का संचालन करने के लिए सरकार द्वारा बाध्य किया गया है।

माइलेज का रेट 1980.81 के अनुसार दिया जाये।

माइलेज रेट के परिवर्तित होने पर नियमानुसार माइलेज पर आयकर में छुट की सीमा बढ़ाई जाये।

01 जनवरी 2024 से टीए के बढ़े रेट के अनुसार माइलेज रेट निर्धारित किया जाये।

के ग्रेड को उसके कार्य में अन्तर के अनुसार 6 वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर निर्धारित किया जाये।

वेतन आयोग ने को डिप्लोमा के समकक्ष कहा है इसलिए । के ग्रेड पे नियमानुसार सुधार किया जाये।

साप्ताहिक विश्राम 30 घण्टे को समान्य कार्यकारी विश्राम 16 घण्टे के अतिरिक्त दिया जाना चाहिये।

हमारे कार्य में किसी भी प्रकार का मध्यावधि विश्राम नहीं है इसलिये श्रम कानून 1948 के अनुसार कार्य की अधिकतम सीमा 06 घंटे निर्धारित करें

घण्टे से अधिक ड्यूटी होने पर रनिंग रूम में ड्यूटी के बराबर और मुख्यालय में ड्यूटी के दो गुने के बराबर न्यूनतम विश्राम निर्धारित होना चाहिए। सहित अनेक मांग की जा रही है।

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