गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रोकने के लिए वाटर शेड यात्रा के रूप में विशेष अभियान
सीहोर जिले के ग्राम सालीखेड़ा पहुंची वाटर शेड यात्रा
सीहोर/ केन्द्र सरकार के भूमि संसाधन विभाग ने देश में ’वाटरशेड यात्रा’ के रूप में विशेष अभियान की शुरूआत की है। इस अभियान के तहत मिट्टी और जल संरक्षण के बारे में जन-जागरूकता के प्रसार के लिए मध्यप्रदेश में वाटरशेड यात्रा रायसेन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तथा केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा प्रारंभ की गई है। इस यात्रा के माध्यम से ग्रामवासियों को बताया जा रहा है कि जल जीवन का आधार है, जल एवं जमीन से ही हमारी जिंदगी है। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रोकने के लिए वाटरशेड योजना बनाई गई है। यह वाटर शेड यात्रा सीहोर जिले के ग्राम सालीखेड़ा पहुंची।
चेक डैम, परकोलेशन टैंक, एनीकट और खेत तालाब का निर्माण
वाटरशेड विकास घटक योजना अंतर्गत कई प्रकार की संरचनाओं, जैसे चेक डैम, परकोलेशन टैंक, एनीकट और खेत तालाब का निर्माण किया जा रहा है, जो मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करने के साथ साथ जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, सतही जल की उपलब्धता और सतत कृषि को भी बढ़ावा देती हैं। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार के भूमि संसाधन विभाग ने देश में ’वाटरशेड यात्रा’ के रूप में विशेष अभियान की शुरूआत की है।
देशभर में वाटरशेड यात्रा 60-90 दिनों तक चलेगी यात्रा
देशभर में वाटरशेड यात्रा 60-90 दिनों तक 26 राज्यों एवं 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 800 परियोजना क्षेत्रों से निकलेगी। मध्य प्रदेश में वाटरशेड यात्रा 37 जिलों के 400 से ज्यादा गांवों से होकर गुजरेगी। वाटरशेड यात्रा के दौरान आम जनता में मृदा एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के लिए नए कार्यो का भूमिपूजन, पूर्ण किए गए कार्यों का लोकार्पण, वाटेरशेड महोत्सव, वाटरशेड की पंचायत, उल्लेखनीय कार्य करने वाले मार्गदर्शकों का सम्मान, श्रमदान एवं भूमि और जल संरक्षण शपथ आदि गतिविधियां सम्मिलित हैं।








