नर्मदापुरम। जिले में मौजूद कुछ बोने किस्म के अधिकारी अपने अधिकार का दुरूपयोग करते हुए छोटी आैर घटिया सोच का परिचय दे रहे हैं। ऐसे अधिकारियों की बेंढंगी मानसिकता को लेकर शहर के संभ्रात लोगों के द्वारा सक्षम मंच पर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी भेजी जा रही है। तथा यहां से उनके तबादले कराने की कोशिश की जा रही है। जिससे जिले को कोई अच्छे सोच वाले अधिकारियों के आने की संभावना बन सके। मां नर्मदा के पावन शहर में कुछ हलकट टाईप के अधिकारी आ जाने से मुख्यालय की व्यवस्थाएं तहस नहस हुई हैं। ाउनके रहने तक व्यवस्थाएं नहीं सुधर सकती है। इसलिए ऐसे लोगों की यहां से रवानगी होना ही चाहिए। शासन स्तर से पहले कुछ शिकवा शिकायत होने पर अधिकारियों को बदल दिया जाता है। लेकिन कुछ समय से ऐसा नहीं होने से मुख्यालय के नागरिकों को ऐसे बेतुके लोगों को झेलना पड़ रहा है। नागरिक मां नर्मदा से प्रार्थना कर रहे हैं कि हे मां नर्मदा ऐसे अधिकारियों से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाएं। ऐसा देखने और सुनने को मिल रहा है कि ऐसे संकीर्ण मानसिकता के अधिकारी छोटे कर्मचारियों पर अपना रोब दिखाते हुए अपने आप को बलसाली समझने की भूल कर रहे हैं। उनकी बददुआएं उन्हें एक दिन झुलसाएंगी।
शासन को तबादला नीति में सुधार करना चाहिए
शहर के अनेक वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि शासन स्तर से जिले में अंगद के पैर की तरह जमने वाले अधिकारियों को यहां से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। शासन स्तर से तबादला नीति को और सुधारना चाहिए जिससे कि तीन वर्ष या कम वाले अधिकारियों को यहां से हर हालत में दूसरे जिले में भेजना ही चाहिए।






