उत्कृष्ट ऊर्जा प्रबंधन के लिए मंडीदीप और सांची रेलवे स्टेशनों को मिला “बीईई शून्य लेबल प्रमाणपत्र”

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पश्चिम मध्य रेलवे की ऊर्जा संरक्षण में बड़ी उपलब्धि

जबलपुर । पश्चिम-मध्य रेलवे, भोपाल मण्डल के मंडीदीप और सांची रेलवे स्टेशनों को “बीईई शून्य लेबल प्रमाणपत्र” (BEE Shunya Label Certificate) प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणपत्र रेलवे की ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बीईई शून्य लेबल प्रमाणपत्र भारतीय रेलवे की ऊर्जा प्रबंधन पहल के तहत प्राप्त किया गया है, जो ऊर्जा की खपत को घटाकर पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालने के उद्देश्य से दिया जाता है। इस प्रमाणपत्र को प्राप्त करना यह दर्शाता है कि इन स्टेशनों ने ऊर्जा बचत, जलवायु परिवर्तन पर प्रभाव को कम करने, और कार्यक्षमता में सुधार के लिए विभिन्न उपायों को लागू किया है।

क्या है “बीईई शून्य लेबल प्रमाणपत्र”

बीईई (Bureau of Energy Efficiency) शून्य लेबल प्रमाणपत्र एक प्रतिष्ठित मान्यता है, जो ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए दी जाती है। इस प्रमाणपत्र का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों और भवनों में ग्रीन और कार्बन-न्यूट्रल वातावरण को बढ़ावा देना है। जिन प्रतिष्ठानों को यह प्रमाणपत्र मिलता है, वे शून्य कार्बन उत्सर्जन और ऊर्जा कुशलता को अपनाने की दिशा में काम करते हैं।

यह प्रमाणपत्र पश्चिम मध्य रेल, भोपाल मंडल के विद्युत सामान्य विभाग द्वारा ऊर्जा सरंक्षण एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत की दिशा में किए जा रहे सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, यह प्रमाणपत्र रेलवे की ऊर्जा दक्षता और ग्रीन रेलवे प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा। भोपाल डिवीजन के मंडीदीप और सांची रेलवे स्टेशनों ने ऊर्जा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है और इनकी सफलता से अन्य रेलवे स्टेशनों को भी प्रेरणा मिलेगी।
इस प्रमाणपत्र की प्राप्ति पर इस तरह की पहलों के माध्यम से रेलवे के ऊर्जा व्यय को कम करने और रेलवे परिसर में प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

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