एक समय लगा था अब शायद ही खेल पाऊंगा : शमी

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 डॉक्टर से पूछता था मैदान में वापसी कब होगी
दुबई (ए)। एक साल से भी अधिक समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा है कि एक समय उन्हें लग रहा था कि अब वह शायद ही खेल पायें। शमी के टखने में 2023 एकदिवसीय विश्वकप में चोट लग गयी थी जिसके बाद उनी सर्जरी भी हुई ऐसे में वह एक साल से अधिक समय तक खेल से दूर थे। वहीं अब चैम्पियंस ट्रॉफी से उन्होंने वापसी की है। शमी ने कहा कि टखने की चोट के बाद ऐसे क्षण भी आए जब उन्हें आशंका थी कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो जाएगा पर देश की ओर से फिर से खेलने की इच्छा ने उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
शमी ने कहा, ‘विश्व कप के दौरान शानदार फॉर्म के बाद मुझे अचानक ही अपने को ऑपरेशन टेबल पर देखना पड़ा। उस शानदार फॉर्म के बाद चोटिल होना वास्तव में बेहद मुश्किल दौर था। पहले दो महीनो में अक्सर मुझे लगता था कि क्या मैं फिर से खेल पाऊंगा या नहीं क्योंकि इस तरह की चोट और 14 महीने तक बाहर रहने से हौसले टूट जाते हैं।
शमी ने इस महीने की शुरूआत में इंग्लैंड के खिलाफ दो टी20 और इतने ही वनडे मैच में खेल कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल वापसी की। अब जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के कारण चैंपियंस ट्रॉफी में वह भारतीय गेंदबाजी की कमान संभले हैं। शमी ने कहा, ‘मेरा डॉक्टर से पहले सवाल यही था कि मुझे वापस मैदान पर लौटने में कितना समय लगेगा। डॉक्टर ने मुझसे कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता मुझे चलाना, फिर जॉगिंग कराना और उसके बाद दौड़ाना है। प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में खेलना तो अभी दूर की बात है।
एक खिलाड़ी के लिए बैसाखी पर निर्भर होना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा यही सोचता रहता था कि मैं कब अपने पांव जमीन पर रख पाऊंगा। मेरे मन में कई तरह के विचार आ रहे थे।
60 दिनों के बाद जब उन्होंने मुझसे अपने पैर जमीन पर रखने के लिए कहा, तो आप मुझ पर विश्वास नहीं करेंगे, लेकिन मैं अपना पैर जमीन पर रखने से पहले कभी नहीं डरा था।

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