भारत की जूडो खिलाड़ी तुलिका मान को ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 से बाहर कर दिया गया है। दरअसल, एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने पिछले 12 महीनों में 3 बार अपनी लोकेशन की जानकारी न दे पाने (वेयरअबाउट्स फेलियर) के कारण उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इन खेलों में भारतीय जूडो टीम के लिए यह दूसरा झटका है, क्योंकि इससे पहले अरुण कुमार को भी नाडा ने निलंबित किया था।
जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी बानी ब्रता दास ने इसे बड़ा झटका करार दिया है।
उन्होंने इस बारे में कहा, मुझे नहीं पता कि उसने ऐसा क्यों किया। उसे कई बार स्पोर्ट्स किट लेने के लिए भी बुलाया गया, लेकिन वह कभी नहीं गई और उसने कभी अपनी लोकेशन की जानकारी भी नहीं दी। यह हमारे लिए बहुत बड़ा झटका है।
विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी के नियमों के अनुसार, 12 महीने में 3 बार ऐसी गलती करने पर खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
अब तुलिका की जगह पर भारत दूसरे खिलाड़ी को प्रतियोगिता के लिए नहीं भेज सकता क्योंकि राष्ट्रमंडल खेल के नियमों के मुताबिक, डोपिंग नियम तोडऩे वाले खिलाड़ी की जगह कोई नया खिलाड़ी शामिल नहीं किया जाता।
बता दें कि भारतीय जूडो टीम का मुकाबला 31 जुलाई से शुरू होना है और टीम अभी ग्लासगो नहीं पहुंची है।
2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 78+ किलो भारवर्ग में तुलिका को फाइनल में सारा एडलिंगटन ने इप्पोन के जरिए हराया था।
स्वर्ण पदक का यह मुकाबला 3 मिनट 29 सेकेंड तक चला था।
पिछले संस्करण के सेमीफाइनल मुकाबले में तुलिका ने न्यूजीलैंड की सिडनी एंड्र्यूज को शिकस्त देकर फाइनल में अपना स्थान पक्का कर लिया था।
तुलिका ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मॉरिशस की ट्रेसी डरहोन को शिकस्त दी थी।








