सुनीता विलियम्स की वापसी की उलटी गिनती शुरू, लेकिन धरती पर कदम रखते ही घेर लेंगी ये मुसीबतें

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नई दिल्ली (आरएनएस)। आखिरकार वह घड़ी आ गई है जिसका कई लोगों को बेसब्री से इंतजार था। अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर आठ महीने का लंबा समय बिताने के बाद, सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर अब पृथ्वी की ओर वापस यात्रा करने के लिए तैयार हैं।यह वापसी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए चुनौतियों से भरी होगी। सबसे बड़ी चुनौती पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के साथ तालमेल बिठाना है। लंबे समय तक भारहीनता में रहने के बाद, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल शरीर पर एक मजबूत प्रभाव डालेगा।बुच विल्मोर ने इस बारे में बात करते हुए कहा, गुरुत्वाकर्षण बहुत मुश्किल है। जब हम वापस आते हैं, तो यह हमें नीचे खींचता है। शरीर के तरल पदार्थ नीचे की ओर बहने लगते हैं, और यहां तक कि एक पेंसिल उठाना भी मुश्किल लग सकता है। सुनीता विलियम्स भी इस चुनौती को लेकर पूरी तरह से जागरूक हैं। उन्होंने कहा, धरती पर लौटना आसान नहीं होगा। यह एक क्रमिक प्रक्रिया होगी, जिसमें हमें अपनी मांसपेशियों को फिर से सक्रिय करना होगा।अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें मांसपेशियों की कमजोरी, हड्डियों के घनत्व में कमी और शरीर में तरल पदार्थों का असंतुलन शामिल है।
रिपोर्टों के अनुसार, अंतरिक्ष में प्रत्येक महीने में एक अंतरिक्ष यात्री की हड्डियों का घनत्व 1त्न तक कम हो जाता है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण की अनुपस्थिति में हड्डियों पर कोई भार नहीं होता है।
वापसी के बाद, सुनीता विलियम्स को एक कठोर पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरना होगा ताकि उनके शरीर को पृथ्वी की परिस्थितियों के अनुकूल बनाया जा सके। अंतरिक्ष में, शरीर के तरल पदार्थ चेहरे की ओर चले जाते हैं, जिससे चेहरा फूला हुआ दिखता है और हाथ-पैर पतले लगते हैं। पृथ्वी पर लौटने पर, यह संतुलन बदल जाएगा, जिससे कुछ असुविधा हो सकती है।
इन चुनौतियों के बावजूद, विलियम्स और विल्मोर दोनों ही अपनी वापसी को लेकर उत्साहित हैं। वे पहले भी ऐसे मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी उनका शरीर जल्दी ही पृथ्वी की स्थिति में समायोजित हो जाएगा। विल्मोर ने हास्यपूर्ण अंदाज में कहा, अंतरिक्ष में तैरना बहुत मजेदार है, और मुझे अपने उड़े हुए बाल बहुत पसंद हैं।
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 19 मार्च को स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी के लिए रवाना होंगे। यह ऐतिहासिक मिशन अब अपने अंतिम चरण में है, और सुनीता विलियम्स एक बार फिर धरती की मिट्टी पर कदम रखने के लिए उत्सुक हैं।
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