जबलपुर। डॉ. सुमित्र ने शिक्षा, कला, साहित्य, पत्रकारिता में अप्रतिम योगदान दिया। उनके व्यक्तित्व-कृतित्व के संस्मरण पीढ़ियों को मार्गदर्शित करेंगे। संतोष नेमा द्वारा डॉ सुमित्र के संस्मरण प्रकाशन का यह कार्य स्तुत्य है। उन्होंने संस्मरण संकलन के साथ अधरों पर मुस्कान दोहाकृति के माध्यम से जीवन-दर्शन और अध्यात्म के विविध पक्षों पर सकारात्मक सृजन किया है। उनका सृजन समाज के लिए प्रेरक प्रभावी सृजन है।
तदाशय के उद्गार मंथनश्री एवं पाथेय संस्था के तत्वावधान में आयोजित संतोष नेमा संतोष की दो कृतियां सुमित्र संस्मरण एवं अधरों पर मुसकान का विमोचन करते हुए अतिथियों ने व्यक्त किए।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री मदन तिवारी वरिष्ठ समाजसेवी थे। अध्यक्षता आचार्य भगवत दुबे ने की। विशिष्ठ अतिथि विजय बागरी, अमरेन्द्र नारायण, प्रतुल श्रीवास्तव थे।
मुख्य अतिथि ने कहा कि डॉ.सुमित्र के सृजन में जीवन का सौंदर्य भाव समाहित है,उनके व्यक्तित्व की आभा ने पीढ़ियों को दिशा दी।
आचार्य भगवत दुबे ने संतोष नेमा के दोहों के प्रेरक प्रभावी पक्ष पर प्रकाश डाला।
इनका हुआ सम्मान
समारोह में श्री अशोक मनोध्या, पं. संतोष शास्त्री, डॉ. विजय तिवारी किसलय, डॉ. सलमा जमाल, मदन श्रीवास्तव, अर्चना द्विवेदी, डॉ. गोपाल दुबे, रूपम वाजपेयी, कविता नेमा को सम्मानित किया। कु.आराध्या प्रियम को उनकी उपलब्धियों के लिए अभिनंदित किया गया। अतिथियों के साथ राजेश पाठक प्रवीण,राजेन्द्र मिश्रा,सुभाष शलभ,संदीप जैन,प्रभा विश्वकर्मा, प्रीति नामदेव,गणेश प्यासा,संगम त्रिपाठी, डॉ हर्ष तिवारी,ने सम्मानित किया।पाथेय से रश्मि पाठक ने श्री नेमा जी की प्रथम कृति क्रय की।अपनी डांस फेमिली से दीप्ति उपाध्याय, शैलजा एवं अपर्णा ने गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुत किया।आभार आशुतोष तिवारी ने व्यक्त किया। समारोह में इरफान झांसी, महेश स्थापक, दिवाकर शर्मा, डॉ. सुरेंद्र लाल साहू,छाया सिंह, छाया, त्रिवेदी, मीना भट्ट,वंदना सोनी, विनीता पैगवार,डॉ अनिल कोरी,अतुल तिवारी, लवसिंह मिश्रा, डॉ.अरविंद झिगरन,सुभाष जायसवाल,विजय जायसवाल,
पुरुषोत्तम भट्ट,संदीप नेमा, राकेश सुषमा, स्वाति,सरिता,मनोहर सोनी,उमेश,चंद्रभान नेमा,महेश राय,आदि ने श्री नेमा को सम्मानित किया।








