भोपाल(आरएनएस)। आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे लोकायुक्त कोर्ट में पेश किया गया। यहां करीब एक घंटे चली सुनवाई के बाद जज आरपी मिश्रा ने तीनों आरोपियों को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जेल में तीनों को एक साथ रखा गया है।
बता दें कि सात दिन की रिमांड खत्म होने के बाद आज मंगलवार 4 फरवरी को तीनों को कोर्ट में पेश किया गया था।जहां लोकायुक्त ने आगे की पूछताछ के लिए उन्हें फिर से रिमांड पर लेने की मांग की। लोकायुक्त पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि यह सोना और पैसा किसका है और कहां से आया। इस मामले में कई खुलासे हो सकते हैं। सौरभ, शरद और चेतन तीनों ही आसानी से कुछ बताने को तैयार नहीं हो रहे हैं।
कोर्ट रूम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग (आईटी) के अधिकारी भी मौजूद रहे। केस को सुनने के लिए बड़ी संख्या में वकील भी थे।
इससे पहले मंगलवार सुबह लोकायुक्त की टीम सौरभ, चेतन और शरद को लेकर मेडिकल चेकअप के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची। यहां से तीनों को दो गाडिय़ों में कोर्ट ले जाया गया। पीछे के रास्ते से कोर्ट में दाखिल कराया। पेशी के बाद लोकायुक्त के अधिकारी इसी रास्ते से कोर्ट से बाहर निकले। ईडी की ओर से कोर्ट में एक आवेदन लगाया गया है। इसमें जरूरत पडऩे पर तीनों आरोपियों से समय-समय पर जेल में पूछताछ की अनुमति मांगी गई है। कोर्ट ने फिलहाल इस आवेदन को सुनवाई के लिए रख लिया है।
सुबह 11:45 बजे तीनों आरोपियों को कोर्ट रूम में पेश किया। तीनों एक साथ कठघरे में बैठ गए। लोकायुक्त ने आरोपियों की रिमांड अवधी बढ़ाने की मांग नहीं की। लोकायुक्त पुलिस ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की मांग की। तीनों में से किसी के भी वकील ने कोई बेल एप्लिकेशन फाइल नहीं की। सौरभ की ओर से अब तक पैरवी करते आ रहे एडवोकेट राकेश पराशर कोर्ट रूम में शांत खड़े रहे। शरद के वकील सूर्यकांत बुझाडऩे ने भी किसी प्रकार का तर्क वितर्क नहीं किया। चेतन सिंह गौड़ के एडवोकेट हरीष मेहता ने लोकायुक्त की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल का लगातार मीडिया ट्रायल कराया जा रहा है।
लोकायुक्त की पूछताछ की तमाम बतें लगातार बाहर आ रही हैं जबकि लोकायुक्त चेतन से पहले ही दो बार कार्यालय बुलाकर घंटो की पूछताछ कर चुकी है। रिमांड पर 6 दिन और पूछताछ की गई है। इससे उनके मुवक्किल को मानसिक प्रताडऩा होने लगी है। जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, सौरभ, चेतन और शरद को दोपहर 1:30 बजे जेल लाया गया। जेल नियम के अनुसार, तीनों की बारीकी से तलाशी ली गई। इसके बाद तीनों को एक साथ विचाराधीन बंदी वार्ड के ब खंड में दाखिल किया गया। इस खंड में तीनों एक साथ हैं। इससे पहले रिमांड के दौरान तीनों को रात के समय में कोहेफिजा थाने के लॉकअप में एक साथ रखा जाता था। तीनों को फिलहाल कैदी नंबर नहीं दिया गया है। जल्द तीनों को जेल में नई पहचान के दौरान उनके कैदी नंबर दिए जाएंगे।








