ब्यूटीशियन ने सडक़ पर मेकअप कर जताया विरोध
भोपाल, (ए.) । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहवासी इलाकों में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर करीब पौने दो घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। ब्यूटीशियनों ने सडक़ पर मेकअप कर अनोखा विरोध दर्ज कराया, वहीं व्यापारी नेताओं ने गुजरात मॉडल की तर्ज पर अनधिकृत निर्माण नियमितीकरण कानून-2022 और मिक्स्ड लैंड यूज लागू करने की मांग करते हुए सरकार को उग्र आंदोलन व आत्मदाह की चेतावनी दी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भोपाल नगर निगम द्वारा आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगातार सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई की जा रही है। इसके विरोध में मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में व्यापारी और महिला कारोबारी सडक़ों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम कर नारेबाजी की और सामूहिक रूप से जन-गण-मन गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान जब व्यापारियों ने सीएम हाउस की ओर बढऩे का प्रयास किया, तो भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए महिला ब्यूटीशियनों ने सडक़ पर ही मेकअप कर अनूठा प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि यदि ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय बंद कराए गए तो हजारों लोगों की आजीविका छिन जाएगी। महिला व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आने वाले दिनों में एक लाख लोग सडक़ों पर उतरेंगे।व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वे वर्षों से नगर निगम को संपत्ति कर और व्यावसायिक बिजली बिल दे रहे हैं। ऐसे में अचानक बिना विकल्प दिए दुकानें बंद कराना अनुचित है। थोक बाजार व्यापारी संघ के अभिषेक रब्बू, बैरागढ़ कोषाध्यक्ष अशोक उसरा सिंह, अध्यक्ष आनंद सोनी और भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने सरकार से मांग की है कि भोपाल में जल्द नया मास्टर प्लान लागू कर मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान किया जाए।
गुजरात के अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून-2022 की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी नीति बनाई जाए। आगामी त्योहारों को देखते हुए फिलहाल कार्रवाई रोककर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि एक व्यापारी अपने प्रतिष्ठान से 25 से 50 परिवारों को रोजगार देता है। सीलिंग से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। मांगें न माने जाने पर व्यापारियों ने आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी भी दी।
नगर निगम की अब तक की कार्रवाई
संपत्ति कर रिकॉर्ड के आधार पर रहवासी क्षेत्रों में 62,500 से अधिक व्यावसायिक गतिविधियां चिन्हित की गई हैं, जिनकी संख्या 1 लाख तक पहुंच सकती है। अब तक 6,589 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 750 मामलों में 3 दिन की अंतिम समय-सीमा पूरी हो रही है। 5 से 9 अगस्त के बीच नोटिस पाने वाले भवनों को अब सीलिंग से पहले 24 घंटे का अंतिम नोटिस जारी किया जा रहा है। वहीं, 85 अवैध निर्माण मामलों में से 24 में फाइनल ऑर्डर हो चुके हैं। सोमवार को अरेरा कॉलोनी श्व5-109 में 10त्न अनधिकृत निर्माण को ढहाया गया।
निगम अधिकारियों के अनुसार कमर्शियल टैक्स या बिजली कनेक्शन होने से स्वीकृत भवन उपयोग नहीं बदलता है। सुनवाई के बाद ही अंतिम सीलिंग आदेश दिए जा रहे हैं। दूसरी ओर, रहवासियों ने भी इस मुद्दे पर शनिवार को शिवाय कॉम्प्लेक्स से औरा मॉल तक टॉर्च रैली निकालने और हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
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