भोपाल (आरएनएस)। अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई रीवा एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय परिसर रीवा के संयुक्त तत्वावधान में माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के सभागार में दो दिवसीय बसंतोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें प्रथम दिवस सोमवार को ‘आत्मबोध से विश्वबोध’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ ऋषि कुमार मिश्रा ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय संस्कृति,भारतीय जीवन शैली एवं देश की समृद्ध परंपरा को जानना ही आत्मबोध है और अब समय है कि हम इसे वैश्विक बनायें। आज पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति एवं इसके आदर्शों को जानने समझने एवं उस पर चलने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि के रूप में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि आज भारत में वह सामथ्र्य है कि वह अपने सांस्कृतिक वैभव से पूरे विश्व का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद अपने सृजन से ऐसे विमर्श खड़ा करें जो राष्ट्र एवं विश्व के लिए कल्याणकारी हो*।








