जनविरोधी बजट के माध्यम से लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रही सरकार
इस बजट की केवल एक विशेषता कि इसमें कोई विशेषता नहीं – पंकज शर्मा
सीहोर । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट सदन में शनिवार को पेश कर दिया है । इसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार और केंद्रीय वित्त मंत्री पर जमकर निशाना साधा है । जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज शर्मा ने एक बयान जारी कर इस बजट को दिशाहीन और घोर निराशाजनक बताया है । पंकज शर्मा ने कहा है कि इस बजट में भविष्य के लिए ना कोई दिशा है ना ही विजन । वित्त मंत्री का मानसिक दिवालियापन इस बजट से साफ दिखाई देता है । इस बजट में केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गई हैं लेकिन उनको पूरा करने के लिए फंड कहां से आएगा इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है, इसके अलावा इसमें विकसित भारत के सिर्फ दावे किए गए हैं लेकिन भारत विकसित कैसे बनेगा उसके लिए विजन का इसमें अभाव है । पंकज शर्मा ने कहा कि आम जनता को उम्मीद थी कि एमएसएमई लोन की सीमा को बढ़ाकर 25 करोड़ किया जाएगा, आयुष्मान भारत योजना से मुफ्त इलाज की सीमा को बढ़ाकर 25 लाख किया जाएगा, मुद्रा लोन की सीमा भी 25 लाख तक बढ़ाई जाएगी, किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट भी बढ़ाकर 10 लाख की जाएगी, लोगों की 10 लाख तक की आय पूर्णतः कर मुक्त होगी, स्ट्रीट वेंडर योजना के अंतर्गत लोन की सीमा बढ़ाकर 1 लाख की जाएगी, लंबे समय से आंदोलनरत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी मिलेगी लेकिन इन सब मामलों में जनता को निराशा ही हाथ लगी है, इसके अलावा इस बजट में महिलाओं तथा महिला सुरक्षा, बच्चों, युवाओं, व्यापारियों, छोटे उद्योगपतियों, किसानों, जवानों, नौकरीपेशा, पेंशनर, गृहिणियों, सीनियर सिटीजन्स सहित समाज के किसी भी वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है । पंकज शर्मा ने कहा कि इस बजट में आम जनता की रोजमर्रा की जरूरत की चीजों सहित खाने-पीने की चीजों से भी टैक्स कम नहीं करके एक मध्यम वर्गीय परिवार का जीवन दूभर करने का पूर्ण प्रयास किया गया है कि वो किसी भी प्रकार से अपना घर सुगमता से ना चला सके । इस बजट से आम जनता के उपयोग की हर चीज महंगी होगी जिसका पूरा फायदा सरकार के उद्योगपति मित्रों को पहुंचेगा । वित्त मंत्री ने अपने लंबे तथा उबाऊ बजट भाषण से पूरे देश को निराश किया है । पंकज शर्मा ने कहा कि कुल मिलाकर ये चंद बड़े पूंजीपतियों का बजट बनकर रह गया है और सरकार ने अपनी आंकड़ों की जादूगरी दिखाकर लोगों की जेब में एक रुपया डालकर चुपके से 10 रुपए निकालने का काम इस जनविरोधी बजट के माध्यम से किया है । पंकज शर्मा ने आगे कहा कि कुल मिलाकर इस बजट के माध्यम से केंद्र सरकार ने टैक्स टेररिज्म की अपनी नीति को और आगे बढ़ाते हुए और अधिक तेजी से लागू करने का काम किया है और इससे ये साबित होता है कि केंद्र सरकार को आम जनता की नहीं बल्कि अपने चंद उद्योगपति मित्रों की ही फिक्र है तथा देश के सभी संसाधनों को लूटने की खुली छूट सरकार ने इस बजट के माध्यम से अपने उद्योगपति मित्रों को दे दी है । सरकार के पास अपने उद्योगपति मित्रों का लाखों करोड़ रुपया का कर्ज माफ करने के लिए फंड है लेकिन आम जनता को टैक्स टेररिज्म से मुक्त करने की बात आने पर सरकार को सांप सूंघ जाता है । जब ये सरकार विदेशों से कर्ज लेकर और रिजर्व बैंक के आपातकालीन फंड का दुरुपयोग कर देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने की कीमत पर अपने उद्योगपति मित्रों की मदद कर सकती है तो आम आदमी से कुछ कम टैक्स वसूली क्यों नहीं कर सकती । अंत में पंकज शर्मा ने इस बजट को 10 में से 0 अंक देते हुए कहा कि इस बजट के पेश होते ही शेयर बाजार का धराशाई हो जाना ये साबित करता है कि ये एक जनविरोधी और दिशाहीन बजट है जिसे सरकार को वापस लेते हुए नया जनहितैषी बजट पेश करना चाहिए और केंद्रीय वित्त मंत्री को जनता के साथ किए गए बजट रूपी इस भद्दे मजाक के लिए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए तथा नए बजट में सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित मजबूत आधारभूत संरचना की दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए और आम जनता की जरूरत के अनुसार उसकी सुविधाओं को देखते हुए ही कोई बजट तैयार करना चाहिए ।








