भोपाल (आरएनएस)। मध्यप्रदेश में गत दिवस को एमपी बोर्ड की पहली से आठवीं कक्षा तक के प्राइवेट स्कूल बंद हैं। बंद का आह्वान एमपी बोर्ड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने किया है। मान्यता के नियम में रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट की शर्त के विरोध में बंद बुलाया गया हे। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में बंद का असर देखा जा रहा है। वहीं विदिशा में स्कूल संचालकों ने अपना मुंडन कराया है। हालांकि, इसका असर राजधानी भोपाल में नहीं दिखा। प्राइवेट स्कूल संचालक एसोसिएशन के अनुसार इसका प्रभावव शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में नजर आया है। प्राइवेट स्कूल एसासिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने मान्यता के नियमों को बहुत जटिल बना दिया है, जिससे सबसे अधिक कठिनाई ग्रामीण जिलों में हो रही है। वहीं एफडी अमाउंट लिया जा रहा है। सत्र 2025-26 की मान्यता में कई स्कूलों के बंद होने की संभावना है। स्कूल बंद होने से उनमें कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं और इससे जुड़े संस्थान भी प्रभावित होंगे। बच्चों की शिक्षा पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। वर्तमान में प्राइवेट स्कूलों से राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जबकि पहले शिक्षा के महत्व को समझते हुए मान्यता नियमों को सरल रखा गया था। ऐसे में सवा लाख से अधिक शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों के बेरोजगार होने की संभावना है।








