अब बिजली बनाने में खपाई जाएगी पराली

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भोपाल(आरएनएस)। किसानों द्वारा खेतीों में पराली (नरवाई या धान का ठंडल) जलाने से होने वाला वायु प्रदूषण देश के कई हिस्सों में बड़ी समस्या है। वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट को भी इसमें दखल देना पड़ा था। अब मध्यप्रदेश इस दिशा में ठोस कदम उइाने जा रहा है। पराली का उपयेग बिजली बनाने में किया जाएगा। प्रदश्ेा के ताप विद्युत गृहों में खपत होने वाले कोयल के सात प्रतिशत हिस्से के रूप में पराली का उपयोग किया जा सकेगा। इससे कोयला खरीदी में होने वाले खर्च से 1250 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की बचत राज्य सरकार को होगी। किसानों को भी पराली के बदले निर्धारित कीमत के मान से राशि भी मिलेगी। वहीं पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण से लोगों को मुक्ति मिलेगी।

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