मास्को (ए)। रूस-यूक्रेन जंग के बीच पुतिन अब अपने स्कूली बच्चों को पाठ पढ़ाने में जुट गए हैं। यूक्रेन संग रूस युद्ध क्यों कर रहा है, इसका कारण अब रूस का हर बच्चा जानेगा। जी हां, रूस ने स्कूली बच्चों के लिए एक नई किताब जारी की है। इस किताब में यूक्रेन में चल रहे युद्ध की तुलना नाजियों के खिलाफ सोवियत संघर्ष से की गई है। मॉस्को में पेश की गई किताब में कहा गया है कि रूस को यूक्रेन में सेना भेजने के लिए ‘मजबूर’ होना पड़ा था।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध को एक कठिन लेकिन जरूरी लड़ाई बता रहे हैं। उनका कहना है कि पश्चिमी देशों और नाटो समर्थित यूक्रेन के खिलाफ यह लड़ाई जरूरी है। पुतिन के मुताबिक, यह पश्चिम के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई का हिस्सा है जो रूस को कमजोर और खत्म करने चाहते है। जबकि यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी कहते हैं कि रूस क्रूरता और अकारण युद्ध छेड़ रहा है। रुस को मकसद सिर्फ जमीन हथियाना है।
तीन खंडों वाली किताब ‘रूस का सैन्य इतिहास’ का संपादन व्लादिमीर मेडिंस्की ने किया है। मेडिंस्की पुतिन के सहयोगी हैं। उन्होंने 2022 में युद्ध के शुरुआती महीनों में यूक्रेन के साथ असफल शांति वार्ता करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। तीसरा खंड 15 साल और उससे ज्यादा उम्र के बच्चों को पढ़ाया जाएगा। यूक्रेन के नेता इस किताब को प्रोपेगैंडा बताकर खारिज कर सकते हैं। तीसरा खंड 15 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें बताया गया है कि क्रेमलिन युद्ध शुरू होने और इसे कैसे लड़ा जा रहा है, इस बारे में क्या सोचता है। इसमें उन घटनाओं पर प्रकाश डाला गया है जिन्हें रूस युद्ध के मैदान की वीरता की घटनाएं मानता है। विशेष सैन्य अभियान में रूसी सैनिक’ नामक एक चैप्टर में यह लिखा है कि रूस को 2022 में यूक्रेन में अपने सैनिक भेजने के लिए ‘मजबूर’ होना पड़ा था। किताब में कहा गया है कि पश्चिमी देशों ने सालों से रूस की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज किया है। यह नाटो सैन्य गठबंधन के पूर्व की ओर विस्तार और 2014 में रूस समर्थक यूक्रेनी राष्ट्रपति को पश्चिमी समर्थन से हटाए जाने का संदर्भ है।








