वाशिंगटन,04 अगस्त। लगातार हमलों के बाद अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमले रोक दिए हैं. इसके पीछे ट्रंप ने कतर और यूएई के बातचीत के प्रयासों को बताया है. इसी बीच ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि ईरान पर हमले से पहले उनका प्लान लीक हो गया है. इसके लिए ट्रंप ने सीधे डीप स्टेट और कतर को जिम्मेदार ठहराया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ‘डीप स्टेट’ के अंदर मौजूद लोगों ने ईरान को युद्ध की योजनाएं लीक कर दीं. इन गद्दारों को लंबे समय के लिए जेल भेजा जाना चाहिए. ट्रंप का कहना है कि गद्दारों ने ईरान पर हमले की उनकी योजना लीक कर दी, जिससे दुश्मन को पहले से ही जानकारी मिल गई. कहा कि लीक करने वालों को जेल में डाल देना चाहिए. लीक करने वालों के लिए कानून और सख्त होने चाहिए.
ट्रंप ने कहा कि इस मामले में, लीक करने वालों ने मदद की क्योंकि उन्होंने हमले की गंभीरता के बारे में बताया. कहा कि ईरान को पता था. उन्हें पता था कि क्या होने वाला है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें लीक और घटिया लोगों के जरिए पता चला, आप जानते हैं, बहुत सारे घटिया लोग, लीक करने वाले. सभी लीक करने वालों को जेल में डालो.
बातचीत में ट्रंप ने कहा कि कुवैत के लोगों को प्लान गुप्त रखना नहीं आता. वे हमेशा उन्हें लीक कर देते हैं, जैसे हमारे विमान को गिराए जाने के मामले में हुआ था. ईरान पर हमले के हमारे प्लान को लीक करने वालों को जेल में डाल देना चाहिए.
ईरान पर हमला रोकने के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह लोगों की जान नहीं लेना चाहते, क्योंकि युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों का होता है. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने सऊदी अरब के राजा और क्राउन प्रिंस से भी बात की थी. दोनों नेताओं ने सैन्य कार्रवाई के बजाय समझौते का रास्ता अपनाने की सलाह दी. ट्रंप ने कहा कि अगर हमला होता, तो हालात बेकाबू हो सकते थे और पूरे क्षेत्र में बड़ा संकट खड़ा हो सकता था.
ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है और न ही कोई बैठक तय की गई है. यह बात राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे के ठीक उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अब तक न देखे गए स्तर के सैन्य हमलों को रद्द करने के फैसले के बाद सोमवार से बातचीत शुरू होगी.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अभी सिर्फ ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर बातचीत चल रही है. वहीं, ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने भी रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का कोई कार्यक्रम तय नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप ने पांच महीने से चल रहे टकराव के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने की वजह के तौर पर बार-बार कूटनीति का जिक्र किया है.
रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक रूप से दिए गए इन विरोधाभासी बयानों से कूटनीति की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सैन्य दबाव बना रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद अभी भी अनसुलझा है.








