रूस की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का कथित ड्रोन हमला, लगी आग

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मॉस्को, 20 सितंबर। रूस की राजधानी मॉस्को के कापोतन्या इलाके में स्थित प्रमुख तेल रिफाइनरी पर रविवार तडक़े ड्रोन हमला हुआ। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लगने और धुएं के बड़े गुबार उठने के दृश्य सामने आए हैं। मॉस्को के महापौर सर्गेई सोबयानिन ने रिफाइनरी के एक प्रतिष्ठान को ड्रोन हमले से नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है। हालांकि, यूक्रेन ने अभी इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
रिपोर्टों के अनुसार, कापोतन्या स्थित गजप्रोमनेफ्ट-मॉस्को तेल रिफाइनरी रूस की प्रमुख तेल शोधन इकाइयों में शामिल है। इसकी वार्षिक कच्चे तेल प्रसंस्करण क्षमता करीब 1.1 करोड़ टन बताई जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह संयंत्र मॉस्को के ईंधन बाजार की करीब 40 प्रतिशत जरूरत पूरी करता है और मॉस्को क्षेत्र में पेट्रोल तथा विमानन ईंधन की मांग में भी इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक, 19-20 सितंबर की रात मॉस्को और आसपास के क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले हुए। मॉस्को के महापौर ने कहा कि कई ड्रोन रिफाइनरी परिसर तक पहुंचे, जबकि एक ड्रोन ने एक आवासीय इमारत को भी निशाना बनाया। रूस के रक्षा अधिकारियों ने बड़ी संख्या में ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
मॉस्को क्षेत्र के रामेंस्कोये इलाके में भी ड्रोन हमले से नुकसान की खबर है। वहां एक 21 मंजिला आवासीय इमारत से करीब 400 लोगों, जिनमें 70 बच्चे शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला गया। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, हमलों में दो लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
हमले के दौरान कापोतन्या स्थित रिफाइनरी के अलावा मॉस्को क्षेत्र के सोफिनो में एक भंडारण परिसर में भी आग लगने की खबर सामने आई है। इन घटनाओं के वीडियो और तस्वीरें सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हुए हैं, हालांकि सभी दृश्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में कहा था कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाने पर सहमत हुए हैं। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रहने की खबरें सामने आई हैं। यूक्रेन ने मॉस्को पर हुए ताजा हमले पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
रिफाइनरी को इससे पहले भी ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है। ताजा हमले से संयंत्र को हुए कुल नुकसान और उसके संचालन पर पड़े प्रभाव का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।

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