भोपाल (आरएनएस)। भोपाल नगर निगम की गोवर्धन शाखा में कार्यरत नियमित अधिकारी, विनियमित और दैवेभो कर्मचारियों के वेतन, भत्ते वाहन आदि साथी चीजों को मिलाकर हर महीने करीब 11 लाख रुपये खर्च होते हैं। जबकि इस शाखा का मुख्य कार्य राजधानी की सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश को पकडऩे का है। शाखा के अमले ने पिछले ढाई महीने में दो हजार गौवंश को पकड़ा है। इस हिसाब से देखा जाए तो एक बेसहारा गौवंश को पकडऩे का औसतन खर्च करीब 1300 रुपये है। चौंकाने वाली बात यह है कि हर महीने लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की सडक़ों से बेसहारा गौवंश कम नहीं हो रहे। हालांकि यह आंकड़ भी ग्राम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। शाखा प्रमुख दावा करते हैं कि शहर में 500 से अधिक डेयरियां हैं, जहां छह हजार से अधिक पशु हैं। निगम की गोवर्धन शाखा के ढाई माह के आंकड़ां के अनुसार प्रति माह करीब 800 गौवंश पकड़े जा रहे हैं।








