भोपाल, (आरएनएस)। महिला की मौत के बाद उसके परिजन ने शनिवार को हमीदिया अस्पताल में हंगामा कर दिया। महिला के पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी पत्नी को जिंदा ही मर्चुरी में रखवा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पत्नी की डीप फ्रीजर में सांस चल रही थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए परिजनों को शंात कराया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बताने से कतराता रहा। पुलिस के अनुसार, राजकुंवर पत्नी तुलाराम अहिरवार (35) अपने दो बच्चों के साथ मां से मिलने बैरसिया गई थी। शनिवार दोपहर राजकुंवर 16 साल के बेटे और 12 साल की बेटी के साथ एक्टिवा से रतन कॉलोनी स्थित घर लौट रही थी। ईंटखेड़ी, निपानिया जाट के पास तेज रफ्तार बाइक ने एक्टिवा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मां और दोनों बच्चे गंभीर घायल हो गए, जबकि बाइक सवार भाग निकला। पुलिस ने घायलों को हमीदिया भेज दिया। यहां डॉक्टर ने राजकुंवर को मृत घेाषित कर दिया, जबकि दोनों बच्चों को भर्ती किया गया। डीप फ्रीजर में भी पत्नी की सांस और धडकऩें चल रही थीं – मृतक महिला के पति तुलाराम ने कहा कि हादसे के वक्त वह सीहोर में थे। एक्सिडेंट की सूचना मिलते ही तुरंत हमीदिया पहुंचे, यहां देखा कि बच्चे जख्मी हालत में थे। बच्चों से उनकी मां के बारे में पूछा तो उन्हें नहीं मालूम था। स्टाफ भी कुछ नहीं बता रहा था। साले के बेटे ने बताया कि बुआ को मर्चुरी में भेज दिया। इसके बाद तुलाराम मर्चुरी में पहुंचे। उनका कहन है कि फ्रीजर में देखा तो उनकी पत्नी की सांसें चल रही थीं। नब्ज भी चल रही थी। सीने पर काम लगाकर चेक किया तो धडकऩ भी चल रही थी। तुलाराम का कहना है कि इतनी जानकारी मुझे इसलिए है, क्योंकि मैं भी मेडिकल फील्ड से हूँ और एम्स में टेक्नीशियन हूँ। उनका आरोप है कि पत्नी को बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आधे घंटे तक कोई नहीं आया, आखिर में पत्नी ने दम तोड़ दिया। परिजन ने की डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग – महिला राजकुंवर को जिंदा ही मर्चुरी में रखने का आरोप लगाते हुए परिजन इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा करते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग शुरु कर दी। सभी लोग चक्काजाम की चेतावनी दे रहे थे। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और परिजन को समझाया। स्थिति को देखते हुए देर रात तक मौके पर पुलिस तैनात रही।








