मप्र के राज्यसभा प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट में केवल भाजपा के तीनों उम्मीदवारों के नाम
भोपाल/ नई दिल्ली (ए.)। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। मप्र से कांग्रेस प्रत्याशी रही मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द रहेगा। चुनाव आयोग ने इसे लेकर अपना फैसला कायम रखा। चुनाव आयोग ने मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक मामला छुपाने को आधार बनाया। जिसके बाद मीनाक्षी का नामांकन रद्द माना जाएगा। इस फैसके के बाद अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। उधर, भोपाल में राज्यसभा के रिटर्निग ऑफिसर ने मध्य प्रदेश के राज्यसभा उम्मीदवारों की स्क्रूटनी के बाद फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। इनमें भाजपा प्रत्याशियों तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल के नाम शामिल हैं। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद बुधवार को कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा,मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला गलत है और कानून के मुताबिक नहीं है। जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसका कानून में कोई प्रावधान नहीं है। नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था, जिसका उन्हें खुलासा करना पड़ता। कोर्ट ने सिर्फ एक नोटिस भेजा था। इसमें नटराजन से पूछा गया था कि मामले में आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, विवेक तन्खा शामिल थे।
उपवास पर बैठे, कानूनी लड़ाई की भी तैयारी
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस ने विरोध की लड़ाई सडक़ से लेकर अदालत तक ले जाने का ऐलान कर दिया है। बुधवार को राजधानी के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपवास शुरू कर चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
धरना-उपवास में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अरुण यादव, आरिफ मसूद, आतिफ अकील समेत बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया।
खरीद-फरोख्त नहीं हुई तो अपनाया दूसरा रास्ता
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तकनीकी आधार पर गलत तरीके से निरस्त किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा को जब यह महसूस हुआ कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और किसी तरह की टूट-फूट संभव नहीं है, तब प्रशासनिक और कानूनी रास्तों का सहारा लेकर प्रत्याशी को चुनाव से बाहर करने की कोशिश की गई।
राजनीतिक लड़ाई अब और तेज होगी
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। मंगलवार देर रात तक निर्वाचन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने के बाद अब पार्टी ने उपवास, चुनाव आयोग में शिकायत और न्यायालय की शरण लेने जैसे विकल्पों पर एक साथ काम शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर उपवास शुरू कर दिया है। दिग्विजय सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता इसमें शामिल हुए। पार्टी चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने के साथ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रही है।








