भोपाल (आरएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को देश की दूसरी सोलर सिटी बनाने की योजना पिछड़ गई है। दरअसल, सांची के बाद शहर को सोलर सिटी बनाया जाना था। इसके लिए भोपाल मं 846 मेगावाट सोलर उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन वर्तमान में करीब 11 मेगावाट ही सौर ऊर्जा पैदा हो रही हे। जबकि शहर की वर्तमान में करीब 11 मेगावाट ही सौर ऊर्जा पैदा हो रही है। जबकि शहर को वर्तमान में करीब दो हजार से मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। यदि तय लक्ष्य के हिसाब से सोलर प्लांट लगें तो न केवल बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुधरेगी बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिल सकता है। वर्ष 2023 के आखिरी दिनों में भोपाल में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रित करके देश की पहली स्वच्छ राजधानी के साथ ही सोलरयुक्त राजधानी बनाने की योजना बनाई गई थी।








