डोलरिया। मकर संक्रांति के बाद अब वैवाहिक लग्न व मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। बीते देड़ माह से खरमास और मकर संक्रांति के चलते विवाह मुहुर्त नहीं होने से शादी विवाह के आयोजन बंद थे। खरमास के समापन के बाद अब फिर से विवाह की धूम शुरू हो रही है। सूर्य के उत्तरायण हाेने से खरमास की समाप्ति हाे गई है। इसके बाद शादी-विवाह समेत सभी मांगलिक कार्याें की शुरुअात हाे गई है। मकर संक्रांति पर श्रद्धालु अपने कुल देवता काे तिल, गुड़ व अन्य सामग्री चढ़ाकर परिवार की कुशलता की कामना करने के बाद मांगलिक कार्य में लगना शुरू कर रहे हैं। इस अवसर पर नदियाें में स्नान, देव दर्शन व दान-पुण्य के साथ ही विवाह से जुड़ी रश्म की जा रही है। विवाह शुरू होते ही बाजार में रौनक शुरू हो रही है। क्योंकि खरमास के चलते ग्राहकी कमजोर हो गई थी। बाजार में अब फिर चहल पहल तेज हो गई है। बुधवार से ही ग्रामीण जन बड़ी संख्या में खरीददारी करने के लिए आए। अब यह क्रम हर दिन बढते जाएगा। पंडित प्रवीण मिश्रा ने बताया कि सूर्य दक्षिणयन के दौरान कम ही मांगलिक कार्य होते है। शास्त्रों के अनुसार दक्षिणायन को नकारात्मकता व उत्तरायण को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए अब सभी मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है।






