सीहोर। सीहोर जिला मुख्यालय के ग्राम चौकी (बरखेड़ा देवा) के नागरिकों द्वारा सर्व सहमति से पंचनामा तैयार कर जिलाधीश को ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि ग्राम इमलिया हसन में हमारे पुश्तैनी खेड़ापति हनुमान जी स्थापित हैं, जिनका स्थान परिवर्तित कर ग्राम चौकी (बरखेड़ा देवा) में विधिविधान से प्राण प्रतिष्ठा करने का निर्णय लिया है। बरखेड़ा देवा चौकी के ग्रामीणों का कहना है कि वह पूर्व निवासी ग्राम इमलियाहसन के निवासी है। हमारे पूर्वज लगभग पाँच पीढ़ी से ग्राम इमलिया हसन में निवास करते थे वहां पर लगभग पाँच पीढिय़ों से खेड़ापति हनुमान जी की पूजा अर्चना हमारे पूर्वज तथा हिन्दू समाज जो वहां निवास करते थे खेड़ापति हनुमान जी की पूजा अर्चना करते थे। उसी परंपरा से हम भी वर्तमान में पूजा अर्चना ग्राम इमलिया हसन आते हैं। वर्ष 2004 में हमारे परिजनों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वहां की जमीन बेचकर ग्राम बरखेड़ादेवी चौकी आ गये। हम ग्राम इमलिया हसन से खेड़ापति हनुमान जी की प्रतिमा को ग्राम चौकी पर ले जाकर स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा करना चाहते हैं। परंतु दिनांक 10 जनवरी 2025 को किसी संगठन द्वारा ज्ञापन सौंपा गया और उनके द्वारा बताया गया कि आसामाजिक तत्व द्वारा प्रतिमा को खंडित किया गया है वह बिल्कुल गलत है जबकि हमारे बुर्जुगों व हमारे द्वारा सदियों से प्रतिमा को ऐसा ही देखा गया है। किसी ने भी प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ नहीं की है और आज वर्तमान में भी प्रतिमा की वही स्थिति है। हम लोग प्रतिमा को ग्राम इमलिया हसन से ग्राम चौकी (बरखेड़ा देवा) पर स्थापना कर प्राण प्रतिष्ठा करना चाहते है। इस हेतु जिलाधीश से प्रतिमा को इमलिया हसन से ग्राम चौकी (बरखेड़ा देवा) लाने की अनुमति प्रदान की जावे। खेड़ापति हनुमान जी हमारे अराध्य हैं, यहाँ पर आकर प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा पाठ करना सम्भव नही हो पा रहा है, इसलिये हम लोग हमारे अराध्य खेड़ापति हनुमान जी को हमारे गांव में विधिवत रूप से स्थापित कर प्राणप्रतिष्ठा करना चाहते हैं। साथ ही ग्राम चौकी (बरखेड़ा देवा) के ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि अगले 05 दिवस के अंदर हमें ग्राम इमलिया हसन से ग्राम चौकी (बरखेड़ा देवा) पर प्राण प्रतिष्ठा करने की अनुमति नहीं दी जाती है तो ऐसी स्थिति में हम ग्रामवासी दिनांक 27 जनवरी 2025 को माईक, टेंट इत्यादित का उपयोग कर दोराहा तहसील कार्यालय के समक्ष अश्चित कालीन भूख हड़ताल बैठेंगे। ज्ञापन सौपने वालों में प्रमुख रूप से बाबुलाल, अशोक, कमल, किसन, मनोज, रतनसिंह, संजीव, राजकुमार, सचिन, नितेश, आलोक, सुनील कुमार आदि।







