सीहोर। 356 सैनिक शहीद स्मारक स्थल पर प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी राष्ट्रीय कवि संगम एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वाधान में 356 सैनिक वीर बहादुर सरकार की पुण्य स्मृति में काव्य एवं विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार हरिओम दाऊ शर्मा ने की। विशेष अतिथि के रूप में ओमदीप राठौर, आनन्द गांधी, ब्रजमोहन सोनी उपस्थित रहे। सर्व प्रथम अतिथियों ने शहीद वीर सैनिकों के पुण्य स्थल पर पुष्प अर्पित किये। सरस्वती वन्दना युवा कवि लक्ष्मण चौकसे ने की। गोष्ठी का संचालन डॉ.विजेन्द्र जायसवाल ने किया। इस मौके पर ओमदीप राठौर ने वीर शहिदों को याद करते हुए कहा कि सीहोर के वीर शहिदों ने सीहोर को अंग्रेजों से स्वतंत्र कराकर पहली समानांतर सरकार सिपाही बहादुर की स्थापना की थी। क्रांतिकारी हवलदार महावीर कोठ के नेतृत्व में वलि शाह, सूबेदार रमजूलाल, आरिफ शाह, लक्ष्मण पाण्डे, रामप्रसाद, देवीदीन, शिव चरण जैसे क्रांतिकारियों ने सीहोर को अंग्रेजो से 6 माह के लिये आजाद करवा दिया था। आनन्द गांधी ने कहा कि सैकड़ो देशभक्त क्रांतिकारियों को बिना किसी नियमित जांच के 14 जनवरी 1858 को जनरल ह्यूरोज की अंगे्रज सैना ने सेनिकों को टुकडियों में खड़ाकर इनके सीनों को गोलियों से छलनी कर दिया था। इस विशाल नरसंहार में करीब 356 से अधिक वीर सैनिक शहीद हो गये। इस अवसर पर उपस्थित काव्यपाठ करने वालों में प्रमुख रूप से हरिओम दाऊ शर्मा, हीरालाल जायसवाल, डॉ.विजेन्द्र जायसवाल, लक्ष्मण चौकसे, गोविन्द लोवानिया, जितेन्द्र नरोलिया, प्रदीप चावड़ा, देवेन्द्र नामदेव, प्रदीप सिंह, याशिका सिंह आदि ने देश भक्ति की कविता का पाठ कर वीर शहिदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर काव्य गोष्ठी को ऊचाई प्रदान की । अंत में समिति अध्यक्ष लक्ष्मण चौकसे ने उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।








