मकर संक्रांति पर कड़ाके की सर्दी में तीन लाख श्रद्धालुओं ने किए स्नान
नर्मदापुरम। पूष मास की पूर्णिमा के बाद दूसरे दिन भी मकर संक्रांति के विशेष स्नान पर्व पर डुबकी लगाने का क्रम ब्रम्ह मुहुर्त से शुरू हो गया था। मां नर्मदा तट के प्रमुख खाटों पर मिनी कुंभ सा नजारा बन गया था। स्नान करने वालों का तांता सुबह से दोपहर तक ज्यादा लगा रहा। शहर के ही एक दर्जन घाटों पर करीब दो लाख के लगभग श्रद्धालु आए हुए थे। आस पास के मिला कर तीन लाख तक आंकड़ा पहुंच गया। जिसमें बांद्राभान और खर्राघाट पर भी काफी भीड़ रही। स्थानीय सहित दूरस्थ क्षेत्रों के श्रद्घालुओं ने नर्मदा तट पर आकर स्नान के साथ पूजन पाठ और तिल के लडडू व गर्म कपड़ों के आलावा खिचड़ी का दान कर धर्म लाभ लिया।
सुबह से शुरू हो गए थे पूजन पाठ
शहर के मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का भी सिलसिला सुबह से ही जारी रहा। स्नान के बाद अधिकांश श्रद्घालु मंदिरों में पहुंचे वहां पर पूजन अभिषेक किए गए। इसी के साथ कई घरों तथा मंदिरों में भजन कीर्तन ,रामचरित मानस पाठ, सुंदर कांड के पाठ सहित अन्य अनेक धार्मिक आयोजन होते रहे। कई लोगों ने घाट पर सत्यनारायण भगवान की कथा भी कराई। कुछ लोगों ने कन्याभोज और भंडारे का भी आयोजन किया।
बसों व ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं
रेलवे ने इस बार स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई। भोपाल तथा इटारसी की ओर से आने वाल सभी ट्रेनों बहुत भीड़ आती रही। यहां स्टेशन पर रूकने वाली सभी ट्रेनों में स्नानार्थियों की भारी भरकम भीड़ रही। यहां तक कि किसी भी यात्री गाडी में पैर रखने की जगह नहीं थी। पैर दान तक पर लोगों की भीड़ मौजूद थी अंदर आने जाने में भी लोगों को मुश्किल हो रही थी। इसी कारण कई लोग आपात कालीन खिडकी से भी बच्चों को ट्रेन में चढा रहे थे। रेलवे को लाखों रुपए की आय अतिरिक्त हुई।
सुबह से तेज हो गई थी सर्दी
पिछले एक सप्ताह से तेज ठंड का असर बना हुआ है। दो दिन पूर्व कुछ कम हो गई थी। लेकिन मकर संक्रांति पर और तेज ठंड हो गई। फिर भी सर्दी के आगे आस्था नहीं झुकी। विशेष स्नान पर्व के मौके पर दूरस्थ समीपस्थ और स्थानीय लोगों ने नर्मदा जी की जलधारा में खूब स्नान किए।
बाजाार में रही जमकर रौनक
विशेष स्नान पर्व के अवसर पर शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर बाहर से आए लोगों की भीड़ रही। मकर संक्रांति को ध्यान में रख कर प्रशासन के द्वारा जिले के सभी प्रमुख स्नान करने लायक घाटों पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। पुलिस द्वारा जगह जगह बेरीकेटस लगाकर यातायात व्यवस्था संभाली गई। होमगार्ड की नाव से पेट्रोलिंग करते हुए घाटों पर निगरानी रखी जा रही थी।
नौका से होती रही गस्ती
सेठानी घाट सहित अन्य घाटों पर नौका वोट से गस्ती होती रही होमगार्ड के सैनिक लगातार वोट से घाटों पर पेट्राेलिंग की जा रही थी। अनेक अधिकारी तथा होमागर्ड कमाडेंट स्वयं घाटों पर निगरानी कर रहे थे।
गर्म खिचड़ी का किया वितरण
पूर्व वर्षों की तरह शहर के अनेक समाजसेवियों के द्वारा बाहर से आए श्रद्धालुओं को गर्म-गर्म खिचड़ी और लड्डुओं का वितरण किया जा रहा था। कुछ लोग गर्म कपड़े भी दरिद्रनारायणों का प्रदान कर रहे थे। महिलाएं भी सोहाग सामग्री का दान कर रही थी।
मेला जैसा बना रहा माहौल
नर्मदा तट पर मेला जैसा माहौल बना रहा। छोटे दुकानदारों की भी जमकर बिक्री हो रही थी फूलमालाओं से लेकर प्रसादी तथा अन्य सामग्री की खूब बिक्री हो रही थी। रविवार होने से बाजार में बाहर से भी बड़ी संख्या में लोग आए पूरे दिन रौनक बनी रही।






