भाजपा शासन काल में नौकरशाही के रूतबे बढ़ते जा रहे हैं-शर्मा

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सर सर कर के कुछ ज्यादा ही सर पर चढ़ा लिया सरकारी नौकरों को

घमंड में चूर छोटे अधिकारी भी अपने आप को कमिश्नर से कम नहीं सझ रहे

नर्मदापुरम। भाजपा शासन काल में छोटे छोटे तथाकथित अधिकारी जो वास्तव में हैं नौकर ही लेकिन अपने आप को कमिश्नर से कम नहीं समझते हैं। घमंड और अकड़ में चूर रहते हैं। भाजपा शासन काल में नौकरशाही बढ़ती जा रही है। अनेक जनप्रतिनिधियों के द्वारा छोटे छोटे अधिकार लिए नाैकरशाही कर रहे नौकरोें से सर सर कर के सर पर चढ़ा लिया जाता है। इसलिए उनकी हिम्मत बढ़ती जाती है। कांग्रेस शासन काल में इतनी नौकरशाही हावी नहीं रहती थी जितनी भाजपा के शासन काल में हो गई है। यह बात समाजसेवी एके शर्मा ने चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि अधिकारी वही है जो जनता के कार्य करे। लेकिन अनेक तथाकथित अधिकारी वास्तव में सरकारी नौकर अपने आप को सहाब मानकर अफलातूनी बताते हैं।

कार्यालयों में पर्ची सिस्टम बंद होना चाहिए

अनेक सरकारी नौकर अपने कार्यालयों में पर्ची सिस्टम बनाए हुए हैं। जैसे उन्होंने कार्यालय खरीद लिया हो यह उनकी जागीर हो। सरकारी सेवा के लिए जिनकी नियुक्ति हुई है। उसे वे अपनी बपौती मान लेते हैं आैर कार्यालय में आने वाले जरूरतमंद से पर्ची लेकर इंतजार कराया जाता है। ये सेवक लोग प्रजातंत्र के प्रमुख लोगों जिनकी वोट से सरकार बनती है। जो सरकार इन सरकारी कर्मचारियों अर्थात नौकरों की नियुक्ति करती है उन लोकतंत्र के प्रमख लोगों से नौकर ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे ये नौकर ही मालिक हो गए हों। इन्हें इनकी औकात दिखाने वाले संगठन कमजोर हो गए हैं। मजबूर हो गए हैं।

चाटूकारों के कारण बढ़ावा

समाज में अपने छोटे छोटे कार्य के लिए गिड़गिडाने वाले चाटूकारों की संख्या बढ़ गई है। इसी कारण रिश्वत का प्रचलन हुआ है इसी कारण नौकरों के हौंसले बढ़ते गए हैं। चाटूकार लोग अपने निजी स्वार्थ के चलते इन्हें सर सर करके सर पे चढ़ाते गए जिससे उनकी हिम्मत बढ़ती गई आज भी यदि कोई मजबूत संगठन जैसे भारतीय किसान संगठन के पूर्व के पदाधिकारी इन सरकारी नौकरों को जहां चाहते थे वहीं बुलाकर उन्हें खरी खोटी सुनाकर उनकी औकात दिखा देते थे। सामने खड़ाकरके बिना सर सर किए उनसे पूरा आश्वासन लेते थे। लेकिन किसानों के संगठनों में भी फूट डलने के बाद इन नौकरों के होंसले बढ़े हैं। करणी सेना के द्वारा भी दो टूक बात की जाती है। लेकिन अनेक संगठन अब चाटूकार जैसे व्यवहार करने लगे हैं। जिससे इन नौकरों को बढ़ावा मिला है। श्री शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री तक यह बात बताई जानी चाहिए कि नौकरशाही बहुत हावी हो गई है। उन्हें उनका फर्ज दायित्व समझाया जाए।

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