आमंत्रण पत्र में विधायकों के नीचे लिखा जाता है राधा पटेल का नाम
नर्मदापुरम। अधिकारियों के द्वारा जिला पंचायत के अध्यक्ष पद को विधायक के पद से नीचे माना जाता है। तभी तो शासकीय कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों में अतिथियों के नाम लिखने के क्रम में पहले विधायक के नाम लिखे जाते हैं उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम लिखा जाता है। कहने को जिला पंचायत अध्यक्ष को राज्यमंत्री का दर्जा माना गया है। लेकिन यहां पर देखा जाता है कि जिला पंचायत के अध्यक्ष के पद को उतनी महत्त्ता नहीं दी जाती है। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष राधाबाई पटेल का कहना है शासन स्तर पर नारी शक्ति कहा जाता है। लेकिन प्रशासन स्तर पर नारी शक्ति के पद को तवज्जो देते समय उस पद की गरिमा का ध्यान नहीं रखा जाता है। इसी कारण मैं ऐसे कार्यक्रमों में जाना ही पसंद नहीं करती।
पूर्व में तो नाम तक नहीं दिया जाता था
पूर्व में जब जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी में थी तब तो आमंत्रण पत्रों में उनका नाम तक नहीं दिया जाता था। लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा में शामिल हो गई उसके बाद भी उनका नाम विधायकों के नाम के नीचे दिया जाता है। उदाहरण स्वरूप शिक्षा विभाग के द्वारा जो आमंत्रण पत्र छापे गए उनमें पहले विधायकों के नाम दिए गए उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम दिया गया। ऐसा पूर्व में भी अनेक बार हुआ है। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष ने जाना उचित ही नहीं समझा।






