कैलाश मानसरोवर की आजादी के लिये भारत-तिब्बत सहयोग मंच ने निकाली बाइक रैली

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 युवाओं ने की कैलाश मानसरोवर को चीन से आजाद करने की मांग जताया विरोध
सीहोर। भारत तिब्बत सहयोग मंच के तत्वाधान में पुरे भारत वर्ष में बाईक रैली निकालकर चीन से तिब्बत को आजाद कराने हेतु चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। मंच के पदाधिकारी व सदस्यों का गुरुवार को सीहोर आगमन हुआ। सीहोर आगमन पर स्थानीय सेकड़ाखेड़ी चौराहे पर तिब्बत सहयोग मंच के जिलाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने अपने साथियों के साथ रेली में सम्मिलित सभी पदाधिकारियों का सदस्यगणों पुष्पहारों से स्वागत किया और बाईक रैली शामिल हुए। बाईक रैली का मुख्य उद्देश्य कैलास मानसरोवर को चीन से आजादी दिलाना ताकि तिब्बत भगवान शिव शंकर का कैलाश मानसरोवर चीन से आजाद हो सके। इससे चीन की विस्तारवादी नीति को भी झटका लगेगा भारत तिब्बत सहयोग मंच कार्यकर्ता बाइक रैली निकालते हुए। सीहोर शहर के मुख्य मार्गों से होकर निकली रैली भारत तिब्बत सहयोग मंच जिलाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने तत्वावधान में बाइक रैली का आयोजन किया गया श्री गुप्ता ने बताया कि रैली का उद्देश्य लोगों को भारत और तिब्बत के रिश्तो के लिए जागरूक और  रिश्तो को मजबूत कर तिब्बत को चीन से आजाद कराना है। भारत की एक बहुत बड़ी सीमा तिब्बत से लगी हुई है। यदि तिब्बत आजाद हो जाता है तो लोगों को चीन की विस्तार वादी नीति से छुटकारा मिल जाएगा। कहा कि हमारे आराध्य भगवान शंकर का निवास स्थान कैलाश मानसरोवर पर्वत जो कि चीन के कब्जे में है। उसे भी चीन से आजाद कराना है और यह आंदोलन अयोध्या मंदिर की तरह ही बड़े रूप में किया जाएगा। साथ ही साथ धूर्त चीन की विस्तार वादी नीतियों से निपटने हेतु उसे आर्थिक रूप से तोडऩे के लिए चीनी सामान का बहिष्कार करना भी एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इस मौके पर आशीष गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत तिब्बत सहयोग मंच समय-समय पर यह कार्य हिंदुस्तान के सभी जिलों में करता है और लोगों को जागरुक करने का कार्य करता है। तवांग से तिब्बत मुक्ति और धन्यवाद भारत का संदेश लेकर चले  तथा कैलाश मानसरोवर की मुक्ति के उद्देश्य एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय का तत्काल ध्यान आकर्षण करने के उद्देश्य को लेकर भारत तिब्बत सीमा बुमला दर्रा के अरुणाचल प्रदेश से तिब्बत युवा  द्वारा 22 नवंबर 2024 को बाइक रैली का आयोजन किया गया । जो भारत के 19 से अधिक राज्यों में लगभग 15000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
यह यात्रा दिनांक 7 जनवरी को नागपुर से होकर छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में प्रवेश तत्पश्चात जबलपुर में 8 जनवरी को जबलपुर से सागर होते हुए 9 जनवरी को भोपाल से सीहोर से उज्जैन  के गंतव्य के लिए प्रस्थान किया। भारत तिब्बत सहयोग मंच जिलाध्यक्ष आशीष गुप्ता के  तत्वावधान में पुष्प माला पहनकर अपना समर्थन दिया और नागरिकों से चीनी वस्तुओं का उपयोग न करने की अपील की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ए.आर. शेख मुंशी, पुरुषोत्तम मीणा, मुकेश यादव, शंकरलाल शर्मा, दिलीप गांधी, सुनील अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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