यातायात व्यवस्था दुरस्त नहीं होने से होती है परेशान
नर्मदापुरम। शहर में यातायात अव्यवस्था लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है। यातायात विभाग व नगर पालिका द्वारा पार्किंग का प्लान तो अनेक बार बनाया गया है। लेकिन उसे लागू कराने में रूचि नहीं ली जाती है। इसलिए शहर की पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर में वाहनों की लगातार संख्या बढ़ने के साथ ही दुकानों का सामान बाहर तक निकला रहता है। जिससे भी वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। पार्किंग की समस्या शहर की बड़ी समस्याओं में शामिल हैंं।
बनाए थे सात पार्किंक स्थल
नगर पालिका ने यातायात विभाग के साथ मिलकर वर्ष 2017 में एक मेहत्वपूर्ण प्लान तैयार किया था। उस समय परिषद में भी शहर के सात स्थानों को पार्किंग के लिए चयनित किया गया था। तत्कालीन यातायात प्रभारी ने इस में विशेष योगदान दिया था। कुछ दिनों तक इस प्लान पर कार्य भी हुआ था। उसके बाद ढिलाई होती गई। जो प्रमुख सात स्थान चिन्हित हुए थे उनमें मुख्य रूप से नर्मदा तट के सेठानी घाट, हलवाई चौक के पास, जय स्तंभ, सेठ गुरूप्रसाद स्कूल के पीछे सरकारी मैदान, इब्राहिम चौक, सतरस्ता व इंदिरा चौक के पास वाला हिस्सा तय हुआ था।
शाम को होती है ज्यादा परेशानी
शाम होने पर इतवारा बाजार, मीनाक्षी क्षेत्र, हलवाई चौक, अमर चौक, अस्पताल क्षेत्र, सतरस्ता, एसएनजी स्कूल के पीछे वाले हिस्से में कई वाहन अव्यस्थित खड़े रहते हैं। दुकानों के सामने या एकता चौक की निजी अस्पताल के सामने हमेशा सड़कों पर ही वाहन खड़े हो जाते हैं। जिससे अन्य लोगों को अपने वाहन निकालने में दिक्कत होती है। अमावस्या, संक्रांति व विशेष पर्व पर और ज्यादा परेशानी होती है।
क्या कहते हैं नागरिक
‘‘यातायात विभाग द्वारा पार्किंग व्यवस्था नहीं सुधारी जाती है। जब कोई व्हीआइपी आगमन होता है तब जरूर प्रशासन सक्रिय हो जाता है उसके बाद फिर सुस्ती शुरू हो जाती है।
सीमा श्रीवास, ग्रहणी,
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‘नगर पालिका और पुलिस प्रशासन प्लान तो बनाते हैं लेकिन उसे लागू कराना भूल जाते हैं। इसी कारण प्लान पर कुछ काम नहीं होने से मुख्य बाजार की व्यवस्था लड़खड़ा जाती है।
हेमंत चौधरी, नागरिक
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‘नर्मदा का तट होने से पर्व त्योहार पर बाहर से श्रद्ध़ालु बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन से आते हैं। जिन्हें सबसे ज्यादा समस्या उनके वाहन खड़े करने की होती है। पार्किंग व्यवस्था ठीक होना चाहिए।
राकेश पांडेय, नागरिक
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‘शहर का विस्तार हो गया है दुकानों के साथ वाहनों की संख्या भी बड़ी है। इसलिए जो पूर्व में पार्किंग स्थल तय हुए हैं उन्हीं स्थानों पर वाहन खड़े कराए जाने चाहिए।
पन्ना गौर,दुकानदार







