छतरपुर, (आरएनएस)। बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में दिनों-दिन कम हो रहा वन क्षेत्र बेहद चिंता का विषय बन गया है। सरकार वन क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए हर साल हरियाली महोत्सव के नाम पर पौधारोपण अभियान चलाकर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है। इसके उलट बीते वर्षों में जिले के जंगल मैदानों में तब्दील हो रहे हैं। इसका खुलासा भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ है। यह हालात तब हें जब जिले से ही सरकार में वन राज्यमंत्री मौजूद हैं। वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के गृह जिले छतरपुर वन मण्डल में कुल 147668 हेक्टेयर वन क्षेत्र है जिसमें आरक्षित 1417 हेक्टेयर है और संरक्षित वन क्षेत्र 146251 हेक्टेयर। वन मंडल छतरपुर की मानचित्र शाखा तथा भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि 12957 हेक्टयर वन भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है। राजनैतिक दबाव व निज स्वार्थ के चलते फॉरेस्ट के अधिकारी व कर्मचारी अवैध कटाई और अतिक्रमण को नहीं रेाक पा रहे हैं। फील्ड में तैनात कर्मचारियों के द्वारा वनमाफियाओं से सांठगांठ करके तथा पौधारोपण के नाम पर प्लांटेशन में करोड़ों रुपए का घोटाला किया जा रहा है जो कई बर उजागर भी हो चुका है। वहीं कुछ अधिकारियों के द्वारा इक्का-दुक्का अतिक्रमण व कटाई के विरुद्ध कार्यवाही की जाती है तो उन पर हमले हो जाते हैं। मंत्रालय में बैठे अफसर सजग नहीं हैं।








