उज्जैन, (आरएनएस)। अटल पीठाधीश्वर राजगुरु महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती की अध्यक्षता में प्रयागराज कुंभ में अटल अखाड़े की पेशवाई भव्य रूप से निकली। महाराजरी के अनुयायी अजीत मंगलम ने बताया कि प्रयागराज में संगम की रैली पर महाकुंभ की चकाचौंध बिखेरने के साथ ही श्रीशंभू पंचदशनाम अटल अखाड़े के छावनी प्रवेश में सांस्कृतिक विविधता के रंग छा गए। सुसज्जित रथों, घोड़ों और बग्घियों पर अखाड़े के महामंडलेश्वर और महंत चांदी के सिहांसनों पर सवार होकर निकले। बैंडबाजे पर भक्तिधुनों के साथ रास्ते भर पुष्प वर्षा होती रही। अखाड़े के महामंडलेश्वर ओर संत महात्मा शाही रािों पर रखे चांदी क सिंहासन पर छत्र और चंवर के साथ विराजमान थे। सबसे बड़े और सुसज्जित रथ पर अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद के नेतृत्व मेंं निकल छावनी प्रवेश शोभयात्रा का मेला प्रशासन के अफसरों ने स्वागत किया। संगम की रेती पर 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा की प्रथम डुबकी के साथ ही भव्य महाकुंभ का शुभारंभ हो जाएगा। इसके लिए अखाड़ों के नागा सन्यासी अभी से अलग-अलग सेक्टरों में अपना धूना लगा रहे हैं। अब तक आठ अखाड़े छावनी प्रवेश कर चुके हैं। शैव परंपरा के प्राचीनतमन अखाड़़ों में से एक श्रीशंभू पंचदश्शनाम अटल अखाड़े नगर प्रवेश शोभयात्रा में साधु-संतों का रेला उमड़ पड़ा। अटल अखाड़े के नगर प्रवेश में आस्था और संस्कृति के विभिन्न रंग देखने को मिले। अटल अखाड़े की छावनी प्रवेश शोभायात्रा बक्शी बांध स्थित आश्रम से दिन के 11 बजे आरंभ हुई। दरागंज की गलियों से होकर वेणी मधव, निराला चौराहा होते हुए परेड से शोभायात्रा महाकुंभ के लिए अखाड़ा नगर में बसाई गई छावनी में प्रवेश कर गई।








