सैलानियों ने चखा, मिलेट्स से बने उत्पादों का स्वाद

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पचमढ़ी में आयोजित हुआ मिलेट्स फूड फेस्टिवल

सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी में मनाया गया पारंपरिक अनाजों का उत्सव

मिलेट्स फूड फेस्टिवल : पौष्टिक अनाजों की महिमा को किया गया पुनर्जीवित

स्थायी कृषि और पोषण को बढ़ावा देना: मिलेट्स फूड फेस्टिवल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

श्री अन्न की पौष्टिक समृद्धि का जश्न: सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी में 3 दिवसीय महोत्सव

मिलेट्स फूड फेस्टिवल : पारंपरिक खाद्य प्रणालियों को पुनर्जीवित करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम

नर्मदापुरम/मिलेट्स और मोटे अनाज की पोषण समृद्धि और विविधता, श्री अन्न पौष्टिक अनाजों के महत्व और उपयोगिता के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और हमारी खाद्य सुरक्षा, पोषण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए व मिलेट्स की क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए, सतपुड़ा की रानी मचमढी मे दिनाँक 3 जनवरी 2025 से 5 जनवरी 2025 तक मिलेट्स फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गयाl कार्यक्रम का शुभारंभ लोकसभा सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी,  राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया,  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नर्मदापुरम श्री एस एस रावत,  अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में पिपरिया विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी की भी गरिमामय उपस्थिति रहीl मिलेट्स, जिन्हें मोटे अनाज के रूप में भी जाना जाता है,  सदियों से हमारी पारंपरिक खाद्य प्रणालियों का एक अभिन्न अंग रहे हैं। वे पोषक तत्वों, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं,  जो उन्हें स्वस्थ आहार के रूप में एक उत्कृष्ट विकल्प बनाते हैं। इसके अलावा, मिल्ट्स लचीले, जलवायु-सहिष्णु फ़सल हैं जिन्हें न्यूनतम कृषि आदान / इनपुट  की आवश्यकता होती है, जो उन्हें जैविक टिकाऊ कृषि के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाता है। हालांकि,  उनके कई लाभों के बावजूद,  हाल के दशकों में मिलेट्स की उपेक्षा की गई है, जिससे उनके उत्पादन और खपत में गिरावट आई है। यह फूड फेस्टिवल मिलेट्स की महिमा को पुनर्जीवित करने और हमारे आधुनिक आहार में उनके समावेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम रहा है।  इस 3 दिवसीय कार्यक्रम मे जिला नर्मदापुरम, डिडोंरी, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, और अन्य जिलों से आए हुए मिलेट्स उत्पादक किसानो, महिला स्वयं सहायता समूह और एफपीओ  द्वारा कई तरह की गतिविधियाँ पेश की गई, जिसमें जैविक फूड स्टॉल, मिलेट्स फूड और मिलेट्स से बने खाद्य पदार्थ, मिलेट्स से बने बेकरी उत्पाद, मिलेट्स से बनी सोफ्टी आईस्‍क्रीम एवं प्रदर्शनियाँ शामिल रही। विभिन्न प्रकार के पारंपरिक और आधुनिक मिलेट्स आधारित व्यंजनों का स्वाद चखने, मिलेट्स के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानने और मिलेट्स उत्पादक किसानों और जैविक कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों से बातचीत करने का अवसर प्राप्त हुआ साथ ही जैविक गुड, विभिन्न प्रकार के अलग अलग फसलों / फ़ूलों पर तैयार किए गए शहद एवं कच्ची घानी से तैयार किए गए विभिन्न खाद्य तेल के स्टाल भी लगाए गए थेl उप संचालक कृषि श्री जे.आर. हेडाऊ द्वारा मिलेट्स फूड फेस्टिवल मे आए सभी सम्मानीय अतिथियों एवं व्यक्तियों से निवेदन किया गया कि आइए हम टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने, पोषण में सुधार करने और अपनी पारंपरिक खाद्य विरासत को संरक्षित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करें। आइए हम मिलेट्स को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और अपने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, रसायन मुक्त, अधिक टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करें।

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