योजनाओं की राशि छात्रवृत्ति और राजस्व प्रकरणों में मिली नागरिकों को राहत
शिविर आयोजित करने में नर्मदापुरम जिला टॉप फाइव में
नर्मदापुरम/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में कहां कि नागरिकों की समस्याएं लंबे समय तक लंबित रखने वाले दोषी अधिकारी कर्मचारी दंडित किए जाएंगे। आम जन का कल्याण ही राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। राजस्व, छात्रवृत्ति वितरण सहित अन्य योजनाओं की स्वीकृति और योजनाओं की राशि वितरण संबंधी कोई भी कार्य लंबित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाधान ऑनलाइन में विभिन्न जिलों के नागरिकों के लंबित प्रकरण में समाधान करवाया इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सीएम हेल्पलाइन में उल्लेखित शिकायतों की निराकरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के अंतर्गत सर्वाधिक शिविर लगाने में नर्मदापुरम जिला टॉप फाइव में रहा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नर्मदापुरम जिले एवं सभी जिलों को बधाई दी। उल्लेखनीय की नर्मदापुरम जिले में 566 शिविर आयोजित किए जाने थे जिनमें अब तक 563 शिविर आयोजित किये जा चुके हैं। मात्र तीन शिविर शेष हैं जो उपलब्धि का 99.5 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने श्रेष्ठ कार्य करने वाले और उच्च प्रदर्शन करने वाले विभागों जैसे ऊर्जा, नगरी विकास, महिला एवं बाल विकास, पंचायत ग्रामीण विकास एवं गृह विभाग शामिल है। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण अधिकारी करें। जनकल्याण के कार्य को गति देने के लिए अभियान चल रहा है। आगामी 26 जनवरी तक घर-घर जाकर नागरिकों को योजनाओं से लाभान्वित करने का अभियान गत 11 दिसंबर से संचालित है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान की गतिविधियां 26 जनवरी तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि राजस्व से संबंधित कार्य पूरी प्रक्रिया के साथ पूर्ण हो। उदाहरण के लिए बटवारा आदेश ही पर्याप्त नहीं है उसे नक्शे में दर्शाना भी आवश्यक है। नामांतरण और सीमांकन के कार्य में भी पूर्ण प्रक्रिया कर कार्य किए जाएं।
स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को महत्वपूर्ण स्थान बनाना है
मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने विद्यार्थियों के हित में प्रमुख सुविधाओं को प्रदान करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि साइकिल वितरण, गणवेश, किताब, छात्रवृत्ति एवं छात्रावास की सुविधा एवं छात्रावास ना उपलब्ध होने पर किराए पर लिए गए कक्ष का किराया दिलवाने का कार्य भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि अभियान चला कर पारदर्शिता और सुचिता के साथ स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य किया जाए। शालाओं में नामांकन बढ़ाने के लिए भी अभियान चलाएं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश आगे रहा था, अभी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में और प्रयास करने की आवश्यकता है। परीक्षा प्रणाली, टास्क फॉर समिति की बैठक, भवन विहीन स्कूलों में व्यवस्थाएं आदि की शीघ्र ही विस्तृत समीक्षा की जाएगी। डॉक्टर यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा में जीईआर में मध्य प्रदेश आगे आया था। इस तरह स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति आवश्यक है। विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ शिक्षकों के व्याख्यान ई माध्यम से उपलब्ध कराने जाने पर भी ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नामांकन में मध्य प्रदेश को प्रथम पांच राज्यों में लाने के प्रयास हो।
आयुक्त कार्यालय के एनआईसी कक्ष में कमिशनर श्री के जी तिवारी, पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथिलेश कुमार शुक्ला, डीआईजी श्री प्रशांत खरे, संयुक्त आयुक्त विकास श्री जी सी श्री दोहर सहित संभागीय अधिकारी गण उपस्थित थे। वहीं कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में कलेक्टर सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गुरुकरण सिंह सहित संबंधित अधिकारी गण उपस्थित थे।







