चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में 8 लोगों की मौत, 15 हजार बिजली के खंभे गिरे,13 जिलों में बाढ़ की चेतावनी

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 -70 हजार हेक्टेयर से अधिक धान की फसल प्रभावित; मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता

अमरावती (आरएनएस)। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अत्यंत गंभीर र्चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है। हालांकि, तूफान ने आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। आंध्र प्रदेश के विभिन्न जिलों में तूफान के कारण आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। खेतों में खड़ी फसलों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। तूफान के कमजोर पडऩे के बावजूद कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापट्टनम के बीच, यानम के दक्षिण-पश्चिम में नरसापुर के आसपास पहुंचा था। तट से टकराने के दौरान हवा की गति 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिसके कारण यह अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बन गया था। बाद में इसकी तीव्रता कम हुई और यह गहरे अवदाब में बदल गया। गुरुवार को इसका प्रभाव उत्तरी आंध्र प्रदेश, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर तेलंगाना के आसपास बना हुआ था। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
चक्रवात के दौरान हुए हादसों में आठ लोगों की जान चली गई। पश्चिम गोदावरी जिले के भीमावरम में बिजली का खंभा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। विशाखापट्टनम के गोशाला और बालाजीनगर में दो महिलाओं की जान चली गई। कोनासीमा जिले के साकेनेतिपल्ले मंडल और प्रकाशपुरम में कच्चे मकान की छत गिरने से एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। वहीं, विशाखापट्टनम के मंगलापालेम और अनकापल्ली जिले के येल्लामंचिली में दो महिलाएं घर के बाहर गिरे खुले बिजली के तारों की चपेट में आकर करंट लगने से मारी गईं। चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में लगभग 70,900 हेक्टेयर धान की फसल और 10,450 हेक्टेयर बागवानी फसलें प्रभावित हुई हैं। राज्य में करीब 180 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि लगभग 15 हजार बिजली के खंभे गिर गए। तूफान के कारण 25 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित हुई। अप्पाडा तटीय सडक़ पानी में डूब गई। पश्चिम गोदावरी जिले में लगभग चार हजार पेड़ उखड़ गए, जबकि यानम में भी सैकड़ों पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए राहत उपायों का भी ऐलान किया और कहा कि प्रभावित जिलों में गुरुवार से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेंगे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी चक्रवात से उत्पन्न स्थिति और राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी है। चक्रवात ‘अर्नब’ का प्रभाव आंध्र प्रदेश से आगे भी बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अनुमान जताया है। तेलंगाना के नलगोंडा, सूर्यपेट, खम्मम, कोठागुडेम, मुलुगु और महबूबाबाद सहित पूर्वी जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश के बापटला, गुंटूर, एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापट्टनम, विजयनगरम, अनकापल्ली, पार्वतीपुरम मन्यम और पश्चिम गोदावरी जिलों में बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम में बदलाव और बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां जारी रखने पर जोर दिया है।

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