तेहरान,12 अक्टूबर। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अपनी 7 शर्तें रखी हैं, जिस पर अमेरिका की हाल में आई प्रतिक्रिया को उसने खारिज कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि रविवार को ईरान के सुरक्षा प्रमुख और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि किसी प्रगति से पहले वाशिंगटन को उन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा जो तेहरान के लिए अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।
रेजाई ने कहा, हमने अमेरिकियों के सामने 7 शर्तें रखीं और स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक होर्मुज उनके लिए नहीं खोला जाएगा और न कोई बातचीत होगी। ईरान अब अमेरिकियों को जवाब देने की प्रक्रिया में नहीं है। अपने जवाब में, उन्होंने हमारी कुछ शर्तों को स्वीकार किया है, जबकि अन्य शर्तें अभी भी अस्पष्ट हैं।
बता दें कि होर्मुज नाकाबंदी और प्रतिबंध से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति दांव पर लगी है।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक प्रस्ताव में कहा था कि अगर शर्तें पूरी होती हैं तो होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोला जा सकता है और 7 दिनों में सामान्य समुद्री आवागमन बहाल किया जा सकता है।
इस पर अमेरिका ने कतरी मध्यस्थों के माध्यम से जवाब दिया।
चर्चा से परिचित एक अधिकारी ने बताया कि मुख्य असहमति योजना के सार को लेकर नहीं, बल्कि प्रस्तावित उपायों को लागू करने के क्रम को लेकर थी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ सार्थक बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा।
उन्होंने अपने इस रुख को भी दोहराया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे!
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन कूटनीति का रास्ता छोड़ देता है तो तेहरान नए सिरे से सैन्य टकराव के लिए तैयार है।








