भावनगर (गुजरात), (आरएनएस)। भावनगर-सोमनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलंग के पास मंगलवार को एक भीषण सडक़ हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार बोलेरो सर्विस रोड पर खड़े ट्रक-ट्रेलर के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रक-ट्रेलर का पिछला पहिया भी अपनी जगह से निकल गया।हादसे की सूचना मिलते ही अलंग पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया।अलंग थाने से मिली जानकारी के अनुसार, बोलेरो में कुल सात लोग सवार थे। सभी लोग काम के सिलसिले में भावनगर से अलंग जा रहे थे। उन्हें अलंग स्थित प्लॉट नंबर 38 पर काम करना था। पुलिस के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए सभी लोग मूल रूप से भावनगर के रहने वाले थे।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बोलेरो अलंग की ओर जा रही थी। इसी दौरान सर्विस रोड पर पहले से खड़े ट्रक-ट्रेलर के पिछले हिस्से से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के कारण बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि जयेशभाई हिम्मतभाई वसाणी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार हादसे में विजयभाई चंदूभाई वोरा, पीयूषभाई बिपिनचंद्र शाह, प्रीतेशभाई बिपिनचंद्र भयानी, भार्गवभाई गोसाई, हिरेनभाई मेहता और योगेशभाई शाह की मौत हुई है। घायल: जयेशभाई हिम्मतभाई वसाणी।
इस हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग और सर्विस रोड पर खड़े वाहनों को लेकर सुरक्षा के सवाल खड़े कर दिए हैं। यातायात विभाग और सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञ वाहन चालकों से सर्विस रोड पर निर्धारित गति सीमा का पालन करने और विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हैं। सर्विस रोड पर अचानक वाहन के खड़े होने या मुडऩे की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखनी चाहिए।
वाहन खराब होने की स्थिति में उसे सडक़ के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने के साथ पीछे पर्याप्त दूरी पर परावर्तक चेतावनी त्रिकोण लगाना चाहिए और वाहन के चारों संकेतक चालू रखने चाहिए, ताकि पीछे से आने वाले वाहन चालकों को समय रहते खतरे की जानकारी मिल सके।
सर्विस रोड या राष्ट्रीय राजमार्ग के मोड़ों पर गलत दिशा से आगे निकलने की कोशिश से भी बचना चाहिए। विशेष रूप से अंधे मोड़ पर ऐसा करना दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकता है। रात के समय या धुंध और कोहरे की स्थिति में वाहन की रोशनी को कम रोशनी वाले मोड पर रखना चाहिए और आवश्यकता के अनुसार कोहरा रोधी रोशनी का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि सडक़ पर खड़े वाहन या अन्य अवरोध समय रहते दिखाई दे सकें।
अलंग पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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