फ्लाईदुबई से मिले आपातकाल संदेश के बाद इजरायल विमान मार गिराने को तैयार था

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यरूशलम,06 अक्टूबर। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के भीतर कप्तान पर हुए हमले को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दो इजरायली सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, विमान के कॉकपिट में कप्तान पर हमले की जानकारी मिलने और वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद इजरायल ने विमान को संभावित रूप से मार गिराने की तैयारी शुरू कर दी थी। आशंका थी कि विमान का अपहरण कर उसे 11 सितंबर 2001 जैसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए इजरायल के पास पहले से निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था है। कॉकपिट से संपर्क स्थापित करने की कोशिश का कोई जवाब नहीं मिलने पर इजरायली वायुसेना ने आपात तंत्र सक्रिय कर दिया। इसके तहत एक नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया और तत्काल लड़ाकू विमानों को रवाना कर दिया गया। सुरक्षा कारणों से इजरायल का हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया गया।
हालांकि, स्थिति उस समय बदल गई जब विमान इजरायल की दिशा में आगे बढऩे के बजाय सऊदी अरब की ओर मुड़ गया। इसके बाद इजरायल ने अपने सभी लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि विमान तेल अवीव के करीब पहुंचता तो इजरायली लड़ाकू विमान उसके साथ उड़ान भरते हुए कॉकपिट का निरीक्षण करते और वहां मौजूद लोगों से दृश्य संपर्क स्थापित करने का प्रयास करते।
साथ ही लड़ाकू विमानों के पायलट विमान के भीतर यात्रियों और चालक दल की स्थिति का भी आकलन करते। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता कि विमान वास्तव में अपहरण की स्थिति में है या नहीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि विमान के अपहरण की पुष्टि हो जाती और संदिग्ध हमलावरों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो मामला इजरायल के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाता। यदि विमान पर कब्जा कर लिया जाता और वह लगातार इजरायल की ओर बढ़ता रहता, तो बेन गुरियन हवाई अड्डे या अजरीली केंद्र जैसे संवेदनशील ठिकानों पर संभावित हमले को रोकने के लिए विमान को पहले ही रोकने का निर्णय लिया जा सकता था।
निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार, इजरायल की ओर बढ़ रहे किसी अनियंत्रित विमान को मार गिराने का विकल्प मौजूद है। हालांकि, ऐसा अंतिम निर्णय लेने का अधिकार केवल प्रधानमंत्री के पास होता है। इजरायल में इसे सैकड़ों लोगों की जान बचाने के लिए अंतिम उपाय के रूप में देखा जाता है।
करीब 150 इजरायली यात्रियों को लेकर जा रहे विमान से आपात संदेश मिलने के बाद इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब ने भी अपने लड़ाकू विमान रवाना किए थे। हालांकि, विमान के सऊदी अरब की ओर मुडऩे और स्थिति स्पष्ट होने के बाद दोनों देशों के लड़ाकू विमानों को कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी।
घटना के दौरान विमान के ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मानी ने चाकू से हमला किया, जिसमें कप्तान स्मित मच्छार घायल हो गए। इसके बाद कप्तान ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने मिलकर हमलावर को काबू कर लिया।
यात्रियों और चालक दल की इस कार्रवाई से विमान के अपहरण अथवा किसी बड़ी हवाई घटना की आशंका टल गई। हमलावर अल-हम्मानी को संयुक्त अरब अमीरात की पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घटना की जांच की जा रही है।

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