भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को नई गति, मोदी-पॉर्मेलिन की बैठक में छह अहम समझौते

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नई दिल्ली(आरएनएस)। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, आवागमन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा युवाओं के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक के बाद दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में छह महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोग पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला है।
इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और करीब 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। ईएफटीए में स्विट्जरलैंड के अलावा नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापार समझौते से स्विट्जरलैंड को भारत से कृषि उत्पादों, औषधियों, वस्त्रों और अभियांत्रिकी सामान के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही भारत में जैव प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों में स्विस निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
दोनों देशों के बीच आवागमन और युवा पेशेवरों से संबंधित सहयोग को भी मजबूत करने पर सहमति बनी है। इसके तहत भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों के लिए स्विट्जरलैंड में शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
दोनों देशों से हर वर्ष 300 युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान की व्यवस्था की जाएगी, जिसे आगे चलकर 500 तक बढ़ाने का लक्ष्य है। भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए आवागमन संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। दोनों देशों के बीच आव्रजन एवं आवाजाही साझेदारी को समझौते का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
भारत और स्विट्जरलैंड इलेक्ट्रिक वाहनों, रोपवे, सुरंग निर्माण, चक्रीय अर्थव्यवस्था और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। दोनों देशों के बीच उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच संबंध मजबूत करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी तथा टिकाऊ बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।
विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य खोजपरक वैज्ञानिक अनुसंधान को समर्थन देना तथा दोनों देशों के शोध समुदायों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करना है।
इस सहयोग के तहत संयुक्त अनुसंधान, वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान और भविष्य की अनुसंधान परियोजनाओं के लिए साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों पक्षों ने नवाचार आधारित विकास, संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
स्विस राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन पांच से सात अक्टूबर तक भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। सोमवार को नई दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत दिया गया। उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।
पार्मेलिन की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के क्रियान्वयन को एक वर्ष पूरा हुआ है। दोनों देशों के बीच हुई ताजा वार्ता को व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, विज्ञान और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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