विदाई की बेला में नम हुईं आंखें, आज चलेंगे ‘नीलबड़ के राजा’

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12 दिनों तक भक्ति और आस्था से सजा रहा शिवविहार, हवन-कन्या भोज के बाद आज निकलेगा विसर्जन चल समारोह

भोपाल (संदीप पंडा)। नीलबड़ की शिवविहार कॉलोनी में 12 दिनों से भक्ति और आस्था का केन्द्र बने ‘नीलबड़ के राजा’ श्री गणेश जी की विदाई की बेला आ पहुंची है। जिस पंडाल में पिछले कई दिनों से सुबह-शाम आरती के स्वर गूंज रहे थे, जहां हर दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और बप्पा के दरबार में हर मनोकामना लेकर लोग पहुंचे, अब वहीं आज विदाई की तैयारियां हैं। बप्पा के जाने की आहट ने उत्सव के उल्लास के बीच श्रद्धालुओं की आंखों को नम कर दिया है।

शुक्रवार को गणेश पंडाल में विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने आहुति देकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया। वहीं आयोजित भव्य भंडारे में शिवविहार कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पंडाल में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और हर ओर गणपति बप्पा के जयकारे सुनाई देते रहे।

इन 12 दिनों में बप्पा केवल पंडाल में विराजित प्रतिमा नहीं रहे, बल्कि पूरी कॉलोनी की आस्था और भावनाओं का केन्द्र बन गए। सुबह की आरती से लेकर शाम की पूजा तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी ने उत्सव में अपनी भागीदारी निभाई। अब जब बप्पा की विदाई का समय आया है तो उत्सव की रौनक के बीच एक भावुक सन्नाटा भी महसूस किया जा रहा है।

आज शनिवार को ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्री गणेश जी का चल समारोह निकलेगा। श्रद्धालु नाचते-गाते और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के साथ अपने आराध्य को विदाई देंगे। विसर्जन से पहले बप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से चल समारोह में शामिल होकर बप्पा को विदाई देने का आह्वान किया है।

विदाई की इस घड़ी में हर श्रद्धालु के मन में एक ही भाव है—बप्पा भले ही आज विदा हो रहे हैं, लेकिन उनकी भक्ति, उनका आशीर्वाद और इन 12 दिनों की यादें हमेशा दिलों में रहेंगी। आंखों में आंसू होंगे, हाथ जुड़े होंगे और जुबां पर बस यही पुकार होगी.

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