चंडीगढ़ ,24 सितंबर ,(आरएनएस)। पंजाब के बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह ने पटियाला पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। बर्खास्त एआईजी के सरेंडर करते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वह करीब 3 साल से फरार था।
राजजीत सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश थी।
राजजीत सिंह को अप्रैल 2023 में सेवा से बर्खास्त किया गया था। इसके बाद से वह अंडरग्राउंड हो गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से गठित एसआईटी की जांच में उसका नाम बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़े कथित ड्रग तस्करी और वसूली नेटवर्क में सामने आया था।
इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो और स्पेशल टास्क फोर्स ने उसके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह फरार हो गया था।
जांच रिपोर्टों में राजजीत सिंह पर ड्रग तस्करों को कथित संरक्षण देने, निर्दोष लोगों को ड्रग मामलों में फंसाने और उनसे वसूली करने जैसे आरोप लगाए गए थे। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला भी दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में इन आरोपों को जांच के दौरान सामने आए आरोपों के रूप में दर्ज किया गया है।
मामले की जांच में उस अवधि के दौरान 50 से अधिक एनडीपीएस सैंपल फेल होने का मुद्दा भी सामने आया था, जब राजजीत सिंह तरनतारन के एसएसपी और इंद्रजीत सिंह सीआईए प्रभारी के तौर पर तैनात थे। पंजाब सरकार ने एसआईअी रिपोर्टों के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था।








