नई दिल्ली ,17 सितंबर ,(आरएनएस)। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान की धरती से भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकी सिंडिकेट ‘शहज़ाद भट्टी नेटवर्क’ पर बड़ा प्रहार किया है। गृह मंत्रालय ने सख्त कदम उठाते हुए इस पूरे नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह समूह सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और ड्रग्स की तस्करी के साथ-साथ देश के युवाओं को बरगलाकर आतंकवाद की आग में झोंकने का काम कर रहा था।
अमित शाह के दफ्तर ने दी जानकारी, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आधिकारिक पोस्ट साझा कर इस फैसले की जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ विजन को आगे बढ़ाते हुए यह पाबंदी लगाई गई है। यह गिरोह न केवल सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप भेज रहा था, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाने के लिए जहरीला और नफरती डिजिटल कंटेंट भी फैला रहा था।
14 राज्यों में 9 महीने का ऑपरेशन, 200 से ज्यादा गुर्गे हुए थे गिरफ्तार
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले इस आतंकी गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में 9 महीने तक चले एक गोपनीय और सघन अभियान के तहत इस सिंडिकेट पर शिकंजा कसा था। इस राष्ट्रव्यापी कार्रवाई में शहजाद भट्टी नेटवर्क के 200 से अधिक सक्रिय गुर्गों को गिरफ्तार कर उसके खतरनाक नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई थी।
सोशल मीडिया से ‘आतंकी भर्ती’, बेरोजगार ‘जेन-जी’ युवा थे निशाने पर
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क हिंसक गतिविधियों को हवा देने और देश की संप्रभुता को चुनौती देने के लिए डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहा था। शहजाद भट्टी नेटवर्क खासतौर पर इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए देश भर में जासूसी और हिंसा का ताना-बाना बुनता था। इसके निशाने पर मुख्य रूप से 18 से 30 वर्ष के ‘जेन-जी’ यानी भोले-भाले व बेरोजगार युवा और छोटे-मोटे अपराधी होते थे, जिन्हें पैसों और झूठे वादों का लालच देकर आतंकी राह पर धकेला जाता था।








