मध्य प्रदेश के 28 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, मंदाकिनी-नर्मदा उफान पर, दो दिन सिस्टम ज्यादा सक्रिय

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भोपाल, (आरएनएस)। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिर तेज हो गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जबकि मंडला में नर्मदा का जलस्तर बढऩे से नदी उफान पर है। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। छतरपुर के कुटनी और जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। भोपाल में भी गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बारिश हुई।मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को ट्रफ और स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय रहने से पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश हुई। अगले दो दिन भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में अति भारी से भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।गुरुवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर पहुंच गया और यह डेंजर लेवल के करीब है। स्थिति को देखते हुए एसडीईआरएफ ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में लगातार बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। लवकुशनगर की गुढ़ाकला ग्राम पंचायत में मूसलाधार बारिश के कारण एक कच्चा मकान भी ढह गया। मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर रोड बंद रहा। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर तक पहुंच गया है।

बरगी बांध के 5 गेट खोले

जबलपुर के बरगी बांध का जलभराव 93.33 प्रतिशत हो जाने के बाद इसके पांच गेट करीब एक-एक मीटर खोले गए हैं। इससे नर्मदा के घाटों पर पानी का स्तर करीब 4 फीट तक बढऩे की संभावना है। छतरपुर के कुटनी बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

4-5 सितंबर को सिस्टम ज्यादा सक्रिय रहेगा

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 4 और 5 सितंबर को बारिश वाले सिस्टम की सक्रियता ज्यादा रहने का अनुमान है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी तेज बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश में मानसूनी सीजन में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 808.2 मिमी यानी 31.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 2.6 इंच कम यानी 8 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 1 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 17 प्रतिशत कम है।

34 जिलों में 1 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश

पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 1 प्रतिशत कम रही है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से 1 प्रतिशत से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह से पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। यही वजह है कि सीजन में पहली बार आंकड़ों के लिहाज से पूर्वी हिस्सा पश्चिमी हिस्से की तुलना में बेहतर स्थिति में पहुंचा है।

पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 6 प्रतिशत से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। वहीं, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

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