शादी के 24 साल बाद जन्मी थीं जुड़वां बेटियां, 3 महीने बाद मां ने ही पानी में डुबोकर ले ली जान; रूह कंपा देगी वजह

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बेंगलुरु , (आरएनएस)। आईटी सिटी बेंगलुरु के पॉश वज्रहल्ली इलाके से मातृत्व को झकझोर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। शादी के 24 साल लंबे इंतजार और अनगिनत मन्नतों के बाद जिस घर में दो मासूम कलियों की किलकारियां गूंजी थीं, उसी घर में चंद हफ्तों बाद मातम पसर गया। 40 वर्षीय एक महिला ने अपनी महज 3 महीने की जुड़वां बच्चियों को कथित तौर पर पानी में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया। मासूमों की सांसें छीनने के बाद मां ने खुद भी उसी कमरे में फांसी का फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की, हालांकि उसे बचा लिया गया। 24 साल का लंबा इंतजार और ढ्ढङ्कस्न से मिली थी दोहरी खुशीदक्षिणी बेंगलुरु के वज्रहल्ली निवासी 50 वर्षीय रियल एस्टेट व्यवसायी रामलिंगप्पा और उमादेवी का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था। शादी के दो दशक से अधिक समय तक दोनों बेऔलाद रहे। इसके बाद दोनों ने आईवीएफ तकनीक का सहारा लिया। डॉक्टरों की कोशिश रंग लाई और 5 मई को उमादेवी ने दो जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। 24 साल बाद घर में एक साथ दो बेटियों के आगमन से पूरा परिवार खुशियों से झूम उठा था, लेकिन किसी को भनक तक नहीं थी कि यह खुशी ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।
‘इन्हें आश्रम भेज दो’ज् प्रसव के डेढ़ महीने बाद ही बिगडऩे लगी थी मानसिक स्थिति
पुलिस पूछताछ में पति रामलिंगप्पा ने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है। डिलीवरी के करीब डेढ़ महीने बाद से ही उमादेवी के व्यवहार में भारी बदलाव आने लगा था। वह दोनों बच्चियों की देखभाल में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी और बार-बार परिवार से जिद करती थी कि बच्चियों को किसी आश्रम में छोड़ दिया जाए। महिला की इस असामान्य हरकत को देखकर परिजनों ने तुरंत मनोचिकित्सकों से संपर्क किया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया था कि उमादेवी प्रसव के बाद होने वाले गंभीर ‘पोस्टपार्टम डिप्रेशन’ और हार्मोनल बदलावों के भयंकर दौर से गुजर रही हैं।दरवाजा तोड़ते ही फंदे पर लटकी मिली मां, फर्श पर बेसुध पड़ी थीं मासूममंगलवार दोपहर रामलिंगप्पा किसी निजी काम से बाहर गए हुए थे। दोपहर करीब 2:45 बजे जब वह घर लौटे, तो अंदर से एक कमरे की कुंडी बंद मिली। काफी आवाज देने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने आनन-फानन में दरवाजा तोड़ दिया।
अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उमादेवी दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी छटपटा रही थी, जबकि दोनों जुड़वां बच्चियां फर्श पर बेसुध पड़ी थीं। रामलिंगप्पा ने तुरंत पत्नी को फंदे से नीचे उतारा और परिजनों की मदद से बच्चियों को निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक बच्चियों की मौत पानी में डूबने से हुई है। आशंका है कि मां ने बाल्टी में डुबोकर दोनों की जान ली। तलघट्टापुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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