जामताड़ा,(आरएनएस)। झारखंड के जामताड़ा जिले में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी ने भयानक हिंसक रूप ले लिया है। धार्मिक भावनाओं से जुड़े एक पोस्ट पर हुए विवाद के बाद सैकड़ों की उग्र भीड़ ने एक शख्स के घर पर धावा बोल दिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस को भी भीड़ के गुस्से का शिकार होना पड़ा और उपद्रवियों ने पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। फिलहाल इलाके में भारी तनाव है और स्थिति को काबू में करने के लिए आनन-फानन में अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है।
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह पूरा बवाल करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कुरुवा हटिया में भगवान के खिलाफ की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। इस मामले में अफरोज आलम नाम के युवक की गिरफ्तारी हुई थी, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई थी। बताया जा रहा है कि इसी पोस्ट पर नावाडीह पंचायत के थानारडीह गांव के रहने वाले भूदेव मंडल ने एक टिप्पणी कर दी, जिससे दूसरा पक्ष बुरी तरह भडक़ उठा। शनिवार शाम को देखते ही देखते एक बड़ी भीड़ भूदेव मंडल के घर पहुंच गई और वहां जमकर उत्पात मचाया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ ने घर में घुसकर तोडफ़ोड़ की और महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर अभद्रता की, हालांकि पुलिस ने अभी तक महिलाओं से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस पहुंची तो भीड़ ने किया पुलिस वाहन पर हमला
घटना की सूचना मिलते ही करमाटांड़ थाना प्रभारी अलखनाथ चौबे और सी विकास तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन उग्र भीड़ के सामने पुलिसकर्मियों की संख्या कम पड़ गई। तनावपूर्ण स्थिति के बीच उपद्रवियों ने पुलिस के वाहन में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) वसीम रजा को तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल की ओर रवाना होना पड़ा। बवाल के दौरान कुछ लोगों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाने का भी विरोध किया गया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने उपद्रवियों के नशे में होने और एक स्थानीय मंदिर परिसर में आपत्तिजनक गतिविधि कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी पुलिस गहराई से जांच कर रही है।








