तारापीठ के होटल में आग, 9 श्रद्धालुओं की मौत

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पीएमओ व सीएमओ ने किया मुआवजे का ऐलान अस्पताल में इलाजरत कई लोगों की हालत गंभीर

बीरभूम/कोलकाता (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में एक बार होटल में भीषण अगलगी की घटना में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि जबकि छह अन्य की हालत गंभीर है और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस, स्थानीय लोगों व दमकल सूत्रों ने बताया कि बीरभूम जिले के तारापीठ में आज सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक होटल में अचानक भीषण आग लगी। उक्त घटना में खबर के लिखे जाने तक नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य की हालत गंभीर है और उनका इलाज चल रहा है। अब तक आठ श्रद्धालुओं की पहचान हो चुकी है। इनमें से तीन कमल रॉय, अमित पाल और सुबीर साहा अलीपुरद्वार के रहने वाले थे। जबकि मरने वालों में पांच अन्य लोग मेघालय के थे। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है। फायर मामलों के राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने राज्य की सीएम शुभेंदु अधिकारी को वीडियो कॉल के ज़रिए घटना स्थल दिखाया। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ‘ङ्ग’ पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। आज तडक़े हुई इस घटना को लेकर चश्मदीदों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सबसे बड़ी शिकायत यह है कि होटल में भीषण आग लगने के बावजूद किसी भी कमरे में फायर अलार्म नहीं बजा। इसके अलावा, जब आग लगने का पता चलने पर लोग बाहर निकलने के लिए भागे, तो फ ायर एग्जिट गेट बंद मिला। आरोप है कि होटल धुएं से भरा हुआ था, लेकिन अंदर मौजूद श्रद्धालु बाहर नहीं निकल पाए क्योंकि गेट बंद था।
बात करने पर बीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंडेश ने बताया कि 22 लोगों को बचाया गया। इनमें से 11 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जबकि एक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की जांच के लिए नौ सदस्यों की एक टीम बनाई गई है। मृतकों के परिवारों के लिए 9 लाख के मुआवजे, जिनमे मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख और जिला मजिस्ट्रेट के कोष से 4 लाख और घायलों के लिए 2 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी सहायता की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने ङ्ग हैंडल के जरिए बताया कि मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हज़ार दिए जाएंगे।मामले पर होटल के मालिक के बेटे कल्याण पाल ने मीडिया से कहा, “हालांकि होटल के पिछले हिस्से में एक इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ी थी, लेकिन कई पर्यटकों को इनके बारे में पता नहीं था। नतीजतन, सामने के दरवाजे से निकलने की कोशिश में कई लोग झुलस गए।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सरकार पीडि़त परिवारों के लिए वित्तीय सहायता का ऐलान भी करेगी। शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि हादसे के समय होटल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरे हुए थे, जो मां तारा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई लोगों को बचाया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 8 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट, स्थानीय विधायक ध्रुबा साहा और अग्निशमन विभाग के राज्य मंत्री कौशिक चौधरी अभी घटनास्थल पर मौजूद हैं। वे बचाव कार्यों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सबसे गंभीर सवाल होटल की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आया है। घटना में जीवित बचे तपन ज्योति मंडल ने बताया कि इस हादसे से पता चलता है कि होटल के मैनेजमेंट में कितनी खामियां है जिससे तमाम लोगों जिन्दा जल गए।
गौरतलब है कि, वर्ष 2025 के 29 अप्रैल को महानगर कोलकाता के मछुआ फलपट्टी स्थित होटल ऋतुराज में भीषण आग की घटना में 15 लोगों की मौत हो हुई थी। जबकि मछुआ की घटना से लगभग एक सप्ताह पहले ही बड़ा बाजार के पथुरियाघाटा स्ट्रीट स्थित एक व्यावसायिक इमारत में लगी अगलगी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी।

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