जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन 19वें दिन जारी

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रांची, (ए.)। जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच समेत अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन बुधवार को लगातार 19वें दिन भी जारी रहा। वहीं, आमरण अनशन का नौवां दिन रहा। आंदोलनकारी छात्र परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित गड़बडिय़ों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारी छात्र विनय मेहता ने कहा कि छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है। देर रात धरना स्थल पर पुलिस प्रशासन की सक्रियता को लेकर उन्होंने आशंका जताई कि कहीं आंदोलन को दबाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।इसी बीच, आंदोलनकारी उम्मा हबीब की तबीयत बिगडऩे पर उन्हें देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले छात्र-अभ्यर्थी राहुल कुमार और देवेंद्रनाथ महतो को भी सदर अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया था। आंदोलनकारियों ने कहा कि अनशनकारियों का इलाज जारी रहने के बावजूद देर रात धरना स्थल पर प्रशासन की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है।
छात्र आंदोलनकारी कुणाल प्रताप सिंह समेत अन्य ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में उठे सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक समाधान जरूरी है। उनका आरोप है कि सरकार मामले की गंभीरता से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ा है। पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।छात्र रोहित कुजूर ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अभ्यर्थी वर्षों मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार सीजीएल परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच कराने से क्यों परहेज कर रही है।उधर, स्टेडियम परिसर में मौजूद अनशनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी की।

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