दौसा,(आरएनएस)। राजस्थान के दौसा से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। महज 17 साल की उम्र में अपने बिजनेस का लोहा मनवाने वाले मशहूर स्टार्टअप ‘चायवालाज’ के फाउंडर रोहित शर्मा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। कुछ समय पहले ही अपना सारा चमकता कारोबार बंद कर आध्यात्म की राह पर चलने वाले रोहित ने अचानक इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, यह सवाल अब हर किसी के जहन में घूम रहा है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
बंद कमरे में फंदे से लटकता मिला शव, परिवार में मचा कोहराम
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय रोहित शर्मा दौसा की साकेत कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। शनिवार दोपहर को जब काफी देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। घबराए परिजनों ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का खौफनाक नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रोहित फंदे से लटके हुए थे। आनन-फानन में उन्हें उतारकर तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है, हालांकि आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
छोटी सी उम्र में भरी थी उड़ान, 7 शहरों में फैला था कारोबार
रोहित शर्मा की सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा रही है।
उन्होंने अपनी नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान ही सफलता के सपने बुनने शुरू कर दिए थे और महज 17 साल की उम्र में राजधानी जयपुर से अपने उद्यम की शुरुआत की थी। रोहित ने जयपुर के मानसरोवर स्थित शिप्रा पथ पर अपना पहला टी-कैफे खोला था। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने इस वेंचर का विस्तार किया और देश के अलग-अलग शहरों में ‘चायवालाज’ के सात बड़े आउटलेट स्थापित कर दिए। व्यापार के अलावा रोहित दौसा में सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढक़र हिस्सा लेते थे। उनके पिता हितेंद्र मोहन शर्मा एक मेडिकल स्टोर चलाते हैं, जबकि पत्नी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। इस दुखद घटना के बाद उनके 7 साल के मासूम बेटे के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
6 महीने पहले अचानक सब छोड़ आध्यात्म की ओर मुड़ गए थे रोहित
इस पूरी दुखद घटना में जो बात लोगों को सबसे ज्यादा हैरान कर रही है, वह है रोहित का अचानक बदला हुआ स्वभाव। कामयाबी के शिखर को छूने वाले रोहित ने करीब छह महीने पहले अचानक अपने सभी ‘चायवालाज’ आउटलेट्स को हमेशा के लिए बंद कर दिया था। इसके बाद उनका झुकाव पूरी तरह से आध्यात्म की तरफ हो गया था। परिजनों और परिचितों के अनुसार, पिछले कुछ समय से उन्हें अक्सर कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन करते हुए देखा जाता था। उन्होंने भौतिक दुनिया से दूरी बना ली थी। अब पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है कि आखिर आध्यात्म की शांति तलाश रहे रोहित की जिंदगी में ऐसा क्या तूफान आया, जिसने उन्हें मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया।








