ग्लासगो 01 अगस्त । भारतीय एथलेटिक्स के ‘गोल्डन बॉय’ नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना डंका बजाया है। फिटनेस की तमाम चुनौतियों और ग्लासगो की कड़ाके की ठंड को मात देते हुए नीरज ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपनी शानदार वापसी की है और सिल्वर मेडल पर कब्जा जमा लिया है। इस दमदार जीत के साथ ही उन्होंने इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया है। पदक जीतने के बाद नीरज ने सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि भारतीय जैवलिन थ्रो के भविष्य को लेकर एक ऐसा दिल जीतने वाला बयान दिया है, जिसने हर खेल प्रेमी को गदगद कर दिया है।
सीडब्ल्यूजी इतिहास में ऐसा करने वाले पहले भारतीय
नीरज चोपड़ा अब कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जैवलिन थ्रो इवेंट के अंदर गोल्ड और सिल्वर, दोनों मेडल जीतने वाले भारत के इकलौते एथलीट बन गए हैं। पिछले लगभग एक साल से चोट और फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे नीरज की यह वापसी बेहद खास रही, जहां उन्होंने अपना सीजन का बेस्ट थ्रो भी किया। नीरज की इस उपलब्धि के साथ ही भारत के लिए खेलों का 9वां दिन काफी शानदार गुजरा और देश के कुल पदकों की संख्या उछलकर 23 तक पहुंच गई है।
‘मैं नहीं तो क्या, अब हमारे पास और भी शेर हैं’
सिल्वर जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज की खुशी इसलिए भी दोगुनी नजर आई, क्योंकि उनके साथ भारत के ही युवा एथलीट यशवीर सिंह ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पोडियम साझा किया। यशवीर सिंह ने अपने आखिरी थ्रो में ऐसा कारनामा किया कि वो अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने में कामयाब रहे। नीरज ने यशवीर की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि आज उन्हें एशियन गेम्स की याद आ गई। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि अगर मैं मैदान पर नहीं भी हूं या चोटिल हूं, तब भी अब हमारे पास मेडल जीतने वाले बेहतरीन थ्रोअर मौजूद हैं। यशवीर अब 85 मीटर के एलीट क्लब में शामिल हो गया है और रोहित भी अच्छा कर रहा है। देश में जैवलिन को लेकर इतना शानदार टैलेंट सामने आना सुकून देने वाला है।
ठंड ने किया परेशान, अब जापान में दिखेगा असली जलवा
अपनी परफॉर्मेंस का ईमानदारी से विश्लेषण करते हुए नीरज ने बताया कि ग्लासगो का सर्द मौसम उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। उन्होंने कहा कि फाइनल में उनका केवल एक ही थ्रो सबसे बेहतरीन रहा, जबकि बाकी थ्रो और भी अच्छे हो सकते थे। नीरज ने माना कि उन्हें ठंडे मौसम में प्रदर्शन करने में थोड़ी दिक्कत आती है और वे गर्म मौसम में खेलना ज्यादा पसंद करते हैं। कॉमनवेल्थ में देश का परचम लहराने के बाद, अब इस स्टार एथलीट की नजरें आगामी एशियन गेम्स 2026 पर टिक गई हैं, जिसका भव्य आयोजन इस बार जापान में होने जा रहा है।








