नई दिल्ली, ,01 अगस्त ,(आरएनएस)। भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद, अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) एवं युद्ध सेवा पदक (वाईएसएम) ने शनिवार को नौसेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ) का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने वाइस एडमिरल तरुण सोबती का स्थान लिया, जो 38 वर्षों से अधिक की विशिष्ट सेवा के बाद 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हुए।
गोवा स्थित भारतीय नौसेना अकादमी के 38वें एकीकृत कैडेट पाठ्यक्रम के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद 1 जुलाई 1990 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। वे सी किंग एयर ऑपरेशन अधिकारी तथा संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ हैं। उन्होंने वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज तथा गोवा स्थित नौसेना युद्ध महाविद्यालय से उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।
36 वर्षों का समृद्ध नौसैनिक अनुभव
अपने 36 वर्षों से अधिक लंबे सैन्य करियर में वाइस एडमिरल प्रमोद ने जहाजों, नौसैनिक अड्डों और मुख्यालय स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण कमान एवं स्टाफ दायित्व निभाए हैं। उन्होंने निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विध्वंसक पोत आईएनएस राजपूत के कार्यकारी अधिकारी, पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस अभय, लैंडिंग शिप टैंक आईएनएस शार्दुल तथा निर्देशित प्रक्षेपास्त्र फ्रिगेट आईएनएस सतपुड़ा की कमान संभाली।
उन्होंने वर्ष 1999 के ऑपरेशन विजय और वर्ष 2001 के ऑपरेशन पराक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा गलवान घटना के बाद ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशंस अधिकारी के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
मुख्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों में भी निभाई अहम भूमिका
तटवर्ती नियुक्तियों के दौरान उन्होंने श्री विजयपुरम स्थित नौसेना वायु स्टेशन आईएनएस उत्क्रोश की कमान संभाली तथा वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में सेवाएं दीं। नौसेना मुख्यालय में उन्होंने संयुक्त निदेशक (नौसेना वायु), निदेशक तथा प्रधान निदेशक (विमान अधिग्रहण) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
वे वर्ष 2006 से 2009 तक सामरिक लेखापरीक्षा समूह तथा वर्ष 2016 से 2019 तक भारतीय नौसेना की सामरिक एवं परिचालन परिषद के सदस्य भी रहे।
नौसेना संचालन महानिदेशक के रूप में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
रियर एडमिरल बनने के बाद उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी के उप कमांडेंट, नौसेना स्टाफ के सहायक प्रमुख (वायु) तथा महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया।
वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने 13 दिसंबर 2023 से 31 जुलाई 2026 तक नौसेना संचालन महानिदेशक के रूप में सेवाएं दीं। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर के समय भारतीय नौसेना की परिचालन योजना, युद्धक तैयारी और संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही पश्चिम एशिया संकट के दौरान समुद्री सुरक्षा अभियानों के संचालन में भी उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया।
विशिष्ट सेवाओं के लिए मिले राष्ट्रीय सम्मान
भारतीय नौसेना में उत्कृष्ट नेतृत्व और उल्लेखनीय सेवाओं के लिए वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद को वर्ष 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) तथा वर्ष 2025 में युद्ध सेवा पदक (वाईएसएम) से सम्मानित किया गया।
नौसेना के उप प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भारतीय नौसेना समुद्री सुरक्षा, आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनका व्यापक परिचालन अनुभव और रणनीतिक नेतृत्व नौसेना की क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








